Search KhabarFast

Press ESC to close

तेल कंपनियों पर आफत...डीजल एक्सपोर्ट ड्यूटी 55.5 रुपये तक बढ़ी, मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला

तेल कंपनियों पर आफत...डीजल एक्सपोर्ट ड्यूटी 55.5 रुपये तक बढ़ी, मिडिल ईस्ट संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला

Diesel Export Tax Hike: मिडिल ईस्ट संकट और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में उछाल के बीच केंद्र सरकार ने डीजल निर्यात पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। पहले यह ड्यूटी 21.5 रुपये प्रति लीटर थी। दरअसल, यह कदम रिफाइनरी कंपनियों के निर्यात से होने वाले अतिरिक्त मुनाफे को नियंत्रित करने और घरेलू बाजार में डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

डीजल एक्सपोर्ट पर क्यों बढ़ाई गई ड्यूटी?

बता दें, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर डीजल की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। इससे भारतीय रिफाइनरी कंपनियां निर्यात पर ज्यादा मुनाफा कमा रही थीं, जिससे घरेलू आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा था। सरकार ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। 

इसके साथ ही सरकार ने घरेलू बाजार के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में ₹10 प्रति लीटर की कटौती की है, जिससे पेट्रोल पर शुल्क 3 रुपये प्रति लीटर रह गया है और डीजल पर शुल्क शून्य हो गया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह फैसला आम लोगों को बढ़ती कीमतों से राहत देने और महंगाई पर नियंत्रण रखने के लिए लिया गया है। 

Also read: Delhi EV Policy 2026: 1 लाख की सब्सिडी से बदलेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार, जानें कौन उठा सकेगा लाभ

कंपनियों पर असर 

नई ड्यूटी से तेल रिफाइनिंग कंपनियों का निर्यात मार्जिन काफी कम हो जाएगा। कई कंपनियां मार्च में डीजल का बड़ा हिस्सा निर्यात कर रही थीं, लेकिन अब निर्यात कम होने की संभावना है। विश्लेषकों का अनुमान है कि इस कदम से पहले पखवाड़े में सरकार को निर्यात ड्यूटी से अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है, जबकि घरेलू शुल्क कटौती से राजस्व घाटा भी होगा।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

Delhi EV Policy 2026: 1 लाख की सब्सिडी से बदलेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार, जानें कौन उठा सकेगा लाभ

Delhi EV Policy 2026: दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2.0 लॉन्च कर दी है। इस नई नीति का मकसद पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। इसके लिए कुल 200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का नया दौर...2028 से पेट्रोल टू-व्हीलर्स को नहीं मिलेगी मंजूरी, EV ड्राफ्ट हुआ जारी

Delhi EV policy 2028: दिल्ली सरकार ने आज ‘दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030’ का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस ड्राफ्ट का सबसे बड़ा और सख्त प्रावधान यह है कि 1 अप्रैल 2028 से राजधानी में पेट्रोल या डीजल से चलने वाले किसी भी नए स्कूटर या बाइक का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast