
Ranji Trophy Champion Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर ने घरेलू क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। रणजी ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कर्नाटक को मात दे दी है। 67 साल में पहली बार जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी खिताब पर कब्जा किया है। जम्मू-कश्मीर रणजी ट्ऱ़ॉफी में 1982-83 में सेना के पहली जीत मिली थी लेकिन, चैंपियन नहीं बना पाई थी।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन बनाए थे। जिसके जवाब में कर्नाटक सिर्फ 293 रनों पर सिमट गई। वहीं, दूसरी पारी में भी जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। कामरान इकबाल ने 160 रनों की धुंआधार पारी खेलीवहीं, साहिल ने भी शतक ठोककर टीम के स्कोरबोर्ड को मजबूत किया। दूसरी पारी के बाद जम्मू-कश्मीर की कुल बढ़त 630 रन हो गई। जिससे यह मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया और ड्रॉ पर खत्म हुआ।
ड्रॉ होने पर क्या है नियम
नियमों के अनुसार, रणजी ट्रॉफी मुकाबला रद्द होने पर पहली पारी के आधार पर परिणाम निकाला जाता है, जो टीम पहली पारी में बढ़त बनाने में कामयाब रहती है, उसको विजेता मान लिया जाता है। इस नियम के कारण जम्मू-कश्मीर की टीम ये मैच के साथ खिताब भी जीत ली। रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर की जीत के तेज गेंदबाज आकिब नबी रहे। आकिब नबी ने टूर्नामेंट में कुल 60विकेट हासिल किए। वह इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले गेंदबाज बन गए।
उमर अबदुल्ला ने बढ़ाया उत्साह
बता दें कि जम्मू-कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई थी और वह ट्रॉफी भी अपने नाम करने में कामयाब रही। इस ऐतिहासिक पल के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अबदुल्ला भी मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि आने वाले खिलाड़ियों को खेल के प्रति प्रेरित करेगी।
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