
Israel America Attack Iran: तेहरान पर इजरायल और अमेरिका के दिनदहाड़े हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के ठिकाने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले की शुरुआती चोट राजधानी के बीचों-बीच उस इलाके में हुई जहां उनके दफ्तर स्थित हैं। रॉयटर्स को एक सूत्र ने बताया कि हमले के समय खामेनेई तेहरान में मौजूद नहीं थे। उन्हें पहले ही एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा चुका था। हालांकि यह नहीं बताया गया कि उन्हें कहां शिफ्ट किया गया और यह कब हुआ। ईरान की तरफ से इस बारे में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
सैन्य कार्रवाई शुरू
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर आठ मिनट का वीडियो जारी कर इस ऑपरेशन की वजह बताई। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है और ईरानी शासन से उत्पन्न हो रहे तत्काल खतरों को खत्म करना है।
ट्रंप ने लगाया आरोप
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान की गतिविधियां अमेरिका, उसके सैनिकों, विदेशों में मौजूद ठिकानों और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 47 सालों से ईरानी शासन “डेथ टू अमेरिका” के नारे लगाता रहा है और कई देशों में हिंसा और हमलों में शामिल रहा है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने भी हमले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इजरायल ने अपने खिलाफ खतरों को खत्म करने के लिए ईरान पर “पहले से किया गया हमला” (प्रीएम्प्टिव अटैक) किया है।
इजरायल और ईरान के बीच तनाव
ये हमला अचानक नहीं हुआ। पिछले कुछ समय से ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा था। हमले से एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने सैन्य कार्रवाई पर अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन विकल्प खुले हैं। अब इस सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे पश्चिम एशिया में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। दुनिया भर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे ईरान की प्रतिक्रिया क्या होगी और क्षेत्र में स्थिति किस दिशा में जाएगी।
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