PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रहे किसानों के लिए अब वर्ष में एक बार ई-केवाइसी कराना अनिवार्य कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और केवल पात्र किसानों तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू की है।
ई-केवाइसी नहीं कराने पर रुक सकती है अगली किस्त
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि के भीतर ई-केवाइसी पूरी नहीं करने वाले किसानों की आगामी किस्त अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी। संबंधित किसान को भुगतान तभी जारी किया जाएगा, जब उसकी ई-केवाइसी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
घर बैठे मोबाइल एप से कर सकते हैं E-KYC
किसानों की सुविधा के लिए सरकार ने ई-केवाइसी के कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। किसान प्रधानमंत्री किसान मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे फेसियल ई-केवाइसी कर सकते हैं। इससे उन्हें किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
सीएससी केंद्रों पर भी उपलब्ध है सुविधा
जो किसान मोबाइल एप का उपयोग नहीं कर सकते, वे अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक ई-केवाइसी करा सकते हैं। इसके लिए किसान के पास आधार कार्ड और आधार से लिंक मोबाइल नंबर होना आवश्यक है।
सालाना 6 हजार रुपये की मिलती है सहायता
वर्ष 2019 में शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।
अब तक जारी हो चुकी हैं 22 किस्तें
केंद्र सरकार अब तक योजना के तहत 22 किस्तों का भुगतान किसानों के खातों में भेज चुकी है। सरकार का कहना है कि ई-केवाइसी प्रक्रिया से फर्जी लाभार्थियों की पहचान करने और वास्तविक किसानों तक सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी।