Delhi News:दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू की अगुवाई में दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी की एक मीटिंग हुई। इस बैठक में रेखा गुप्ता, मंत्री आशीष सूद और प्रवेश वर्मा भी शामिल हुए।
बैठक में दिल्ली की सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के सुझाव दिए गए। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने फायर सर्विस को मजबूत करने के लिए, मौजूदा खाली जगहों को भरने के लिए रिटायर्ड अग्रिवीरों को काम पर रखने का सुझाव दिया है। साथ ही अधिकारियों को समय पर एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया।
मीटिंग के दौरान दिल्ली में गैर-कानूनी इमारतों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन, फायर सेफ्टी संबंधित लाइसेंस के गलत इस्तेमाल और भविष्य की तैयारी के उपायों का रिव्यू किया गया। बैठक के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि दिल्ली में आपदा की कमजोरियां बड़ी चुनौतीपूर्ण है लेकिन, तैयारी को मजबूत करने के लिए रिस्पॉन्स सिस्टम बेहतर बनने का मौका देती हैं। साथ ही कार्रवाई आम लोगों के लिए परेशानी का कारण नहीं बनाता चाहिए।
कौन होते हैं अग्रिवीर
आपको बता दें कि अग्रिवीर भारत सरकार की अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना में भर्ती होने वाले जवानों कहा जाता है। केंद्र सरकार ने जून 2022 में इस योजना की शुरुआत की थी। अग्रिवीर बनने के लिए भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइटों के जरिए ऑनलाइन आवेदन अप्लाई करना होता है। इसके बाद उम्मीदवारों को एक चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। जिसमें कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और मेडिकल टेस्ट शामिल है।
4 साल के कामकाज की होती है समीक्षा
आपको बता दें कि अग्रिवीरों की नौकरी 4 साल की होती है। जिसमें शुरुआती 6 महीने में ट्रेनिंग भी शामिल है। 4 साल की सेवा पूरी होने के बाद सभी अग्रिवीरों की समीक्षा होती है। उनके प्रदर्शन, अनुशासन और सेना की जरूरतों के आधार पर 25 फीसदी अग्निवीरों को सेना में स्थाई नौकरी दी जाती है।