DTC Bus Strike: दिल्ली में DTC बसों की हड़ताल से रोज सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। बसों के पहिए थमने से कई बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ दिखाई दे रही है। लोग काफी देर तक बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस सेवा बंद होने के कारण उन्हें दूसरे साधनों से सफर करना पड़ रहा है।
किन लोगों पर पड़ा असर?
बसों के नहीं चलने से सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है, जो रोज ऑफिस, कॉलेज, स्कूल या दूसरे कामों के लिए DTC बसों का इस्तेमाल करते हैं। अब यात्रियों को ऑटो, ई-रिक्शा, कैब और बाइक टैक्सी का सहारा लेना पड़ रहा है। मुनिरका इलाके में भी हड़ताल का असर साफ दिखाई दे रहा है। बस स्टैंड पर यात्री बसों का इंतजार करते नजर आए। यात्रियों का कहना है कि ऑटो और ई-रिक्शा चालक सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा किराया मांग रहे हैं।
कितना बढ़ा किराया
कुछ यात्रियों ने बताया कि जिस सफर के लिए आम दिनों में करीब 20 रुपये खर्च होते थे, उसके लिए अब 100 रुपये या उससे ज्यादा मांगे जा रहे हैं। कुछ रूट पर 50 से 300 रुपये तक किराया मांगे जाने की बात सामने आई है। पालम जैसे इलाकों के लिए यात्रियों से 250 से 300 रुपये तक मांगे जाने का दावा किया गया है।
मरीज भी हुए परेशान
हड़ताल का असर सिर्फ ऑफिस जाने वाले लोगों पर नहीं पड़ा है। अस्पताल जाने वाले मरीज और उनके परिजन भी परेशान हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ऑटो का किराया बहुत ज्यादा होने के कारण उन्हें मजबूरी में साइकिल का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ लोग बीमार बच्चों को साइकिल पर अस्पताल ले जाते हुए भी दिखाई दिए।
यात्रियों ने लगाया आरोप
छात्रों की मुश्किल भी बढ़ गई है। कई छात्र समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। बस नहीं मिलने पर उन्हें ऑटो या दूसरे साधनों से जाना पड़ रहा है, जिससे रोज का यात्रा खर्च बढ़ गया है। कुछ यात्रियों ने बताया कि ऑनलाइन कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं में भी सफर किया जा सकता है। हालांकि, हड़ताल के कारण कई जगह इन सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। यात्रियों का आरोप है कि कुछ ऑटो और ई-रिक्शा चालक हड़ताल का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूल रहे हैं। लोगों का कहना है कि DTC बस आम आदमी के लिए सस्ता और आसान साधन है। इसके बंद होने से रोज का सफर काफी महंगा हो गया है। यात्रियों ने मांग की है कि DTC बस सेवा जल्द बहाल की जाए और मनमाना किराया वसूलने वालों पर कार्रवाई की जाए।
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