ForeCAT System: हवाई जहाज में सफर के दौरान अचानक आने वाले हवा के तेज झटके यानी Air Turbulence यात्रियों के लिए काफी डरावने हो सकते हैं। लेकिन 18 साल के भारतीय मूल के छात्र आदित्य सेनगुप्ता ने इसी डर को एक वैज्ञानिक खोज में बदल दिया है। आदित्य ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से ‘ForeCAT’ नाम का एक सिस्टम तैयार किया है, जो आसमान में होने वाले खतरनाक टर्बुलेंस का पहले से पता लगाने में मदद कर सकता है। आदित्य के इस काम के लिए उन्हें अमेरिका के प्रतिष्ठित Davidson Fellow Laureate सम्मान से नवाजा गया है। इसके साथ ही उन्हें 1 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 83 लाख रुपये की स्कॉलरशिप भी मिली है।
आदित्य का खास रिसर्च
आदित्य का रिसर्च खास तौर पर Clear-Air Turbulence (CAT) पर केंद्रित है। यह टर्बुलेंस इसलिए ज्यादा मुश्किल होता है क्योंकि इसे आसमान में बादलों या किसी स्पष्ट मौसम संकेत के बिना भी महसूस किया जा सकता है। ऐसे में पायलटों के लिए इसका पहले से पता लगाना चुनौतीपूर्ण होता है।
कैसे करेगा काम?
आदित्य ने ForeCAT में न्यूरल नेटवर्क के साथ वायुमंडलीय विज्ञान और भौतिकी के नियमों को शामिल किया है। यह सिस्टम हवा में मौजूद ऐसी हलचल और तरंगों को पहचानने की कोशिश करता है, जिन्हें सामान्य तौर पर आसानी से देखा नहीं जा सकता। रिसर्च के मुताबिक, सिस्टम ने टर्बुलेंस की पहचान में करीब 95 प्रतिशत क्लासिफिकेशन सटीकता हासिल की है। मई 2024 में Singapore Airlines की एक फ्लाइट में हुए गंभीर टर्बुलेंस की घटना को लेकर भी ForeCAT का बैक-टेस्ट किया गया। बताया गया कि सिस्टम ने उस घटना का 87 प्रतिशत सटीकता के साथ पूर्वानुमान लगाया था।
ForeCAT का सफल मॉडल किया तैयार
आदित्य के मुताबिक, एक फ्लाइट के दौरान उन्हें अचानक तेज झटके महसूस हुए। इसके बाद उनके मन में सवाल आया कि अगर टर्बुलेंस इतना खतरनाक हो सकता है तो उसका पहले से पता क्यों नहीं लगाया जा सकता। इसी सवाल ने उन्हें इस रिसर्च की ओर बढ़ाया। हाई स्कूल के दौरान आदित्य ने खुद से Atmospheric Science, Turbulence Physics और Machine Learning की पढ़ाई की। कई शुरुआती मॉडल फेल होने के बाद उन्होंने ForeCAT का सफल मॉडल तैयार किया।
क्या होगा इसका फायदा?
भविष्य में इस तकनीक को एयर ट्रैफिक कंट्रोल और फ्लाइट प्लानिंग सिस्टम से जोड़ा जा सकता है। इससे पायलटों को खतरनाक इलाके से पहले ही रास्ता या ऊंचाई बदलने में मदद मिल सकती है। आदित्य इससे पहले VEX Robotics World Championship में अपनी टीम के साथ दूसरा स्थान हासिल कर चुके हैं। अब वह Computer Science और Natural Sciences की पढ़ाई आगे बढ़ाना चाहते हैं।
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