Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र सोमवार को दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर गया, जिसके चलते विपक्ष ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव और राज्यसभा में कार्यविराम नोटिस पेश करते हुए NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले में 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा की मांग की। यह मामला सरकार के विधायी एजेंडे के साथ-साथ दोनों सदनों में प्रमुख मुद्दों में से एक बनने की आशंका है।
लोकसभा में कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने स्थगन प्रस्ताव नोटिस प्रस्तुत करते हुए सरकार की "अत्यधिक और घातक बल प्रयोग, जिसमें कथित पेलेट गन और लाठीचार्ज शामिल हैं, को रोकने में विफलता और इसके लिए सरकार की जिम्मेदारी" पर चर्चा की मांग की। उन छात्रों के ख़िलाफ़ जो 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे और संसद की ओर मार्च कर रहे थे।
नोटिस के अनुसार, NEET-UG पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन में हज़ारों छात्रों ने हिस्सा लिया था। इसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फ़ोर्स के जवानों ने लाठीचार्ज, आंसू गैस, पैलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें 19 साल के साहिल लोचब भी शामिल थे, जिनकी आंख में पैलेट लगने से गंभीर चोट आई थी, और शेख़ इरशाद मंसूरी, जिनके चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से में पैलेट फंसने के कारण सर्जरी करानी पड़ी थी। नोटिस में महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट का आरोप भी लगाया गया और कार्रवाई के दौरान सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती पर सवाल उठाए गए।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद टी.आर. बालू ने भी लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया, जिसमें NEET पर प्रतिबंध लगाने और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के ख़िलाफ़ घातक हथियारों के कथित अंधाधुंध इस्तेमाल की जांच पर तत्काल चर्चा की मांग की गई। इसके अलावा, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने दलबदल विरोधी नए कानून की ज़रूरत पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया।