Britan Could Be Divided:किसी जमाने में ब्रिटेन दुनियाभर के देशों पर राज किया था। ब्रिटेन सरकार कई देशों को लूटा और बंटवारा भी किया। आज उसी ब्रिटेन को बंटवारे का डर सताने लगा है। दरअसल, ऐसी संभावना जताई जा रही है कि वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड ब्रिटेन से अलग हो सकते हैं।
इन तीन ही क्षेत्रों के शीर्ष नेताओं ने सोमवार यानी 14 सितंबर को समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जिससे ब्रिटेन के टूटने का खतरा बढ़ गया है। इन देशों ने अधिक आजादी के लिए जनमत संग्रह करने के अधिकारी की मांग को लेकर समझौता किया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम और उनकी सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। इन नेताओं ने कहा कि ब्रिटिश पीएम संबैधानिक परिवर्तन के लिए तैयार रहे। उन नेताओं का कहना है कि इन इलाकों का भविष्य यूरोपियन यूनियन के साथ है। बताया जा रहा है कि वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के शीर्ष नेताओं ने जिस समझौते पर हस्ताक्षर किया है, उसमें ब्रिटेन की संसद की तरफ इशारा करते हुए कहा गया है कि वेस्टमिंटस्टर का समय अब खत्म हो रहा है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने क्या कहा
वेल्स, स्कॉटलैंड और उत्तरी आयरलैंड के नेताओं ने कार्डिफ में एकजुट हुए और इस समझौते पर समहत हुए। दूसरी तरफ ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सासंदों से सहा था कि अगर सहमति बनती है, तो वह स्कॉटलैंड की आजादी के लिए एक और जनमत संग्रह को मंजूरी देंगे। दूसरी तरफ गुड फ्राइडें समझौते के कारण उत्तरी आयरलैंड के साथ एकीकरण करने के लिए संवैधानिक अधिकार है। समझौते की शर्तों के अनुसार, ऐसा मतदान तब हो सकता है, जब ऐसी संभावना दिखें कि उत्तरी आयरलैंड के लोग ब्रिटेन से अलग होनेो का फैसला करेंगे। बता दें कि इसस पहले ब्रिटेन का इजरायल के साथ भी विवाद देखने को मिला था।
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