UN Appreciate India: दिल्ली में हाल ही में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन ने देश-दुनिया में सुर्खियां बटोरीं। प्रदर्शन के दौरान सीजेपी की तीनों मांगों को केंद्र सरकार ने मान लिया था। अब छात्र आंदोलन के प्रति भारत सरकार के रुख का यूनाइटेड नेशन ने भी तारीफ की है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा कि युवा नेताओं के साथ बातचीत करना, बलपूर्वक आंदोलन को खत्म करने की तुलना में कहीं ज्यादा असरदार है। 7 सितंबर को एक संबोधन के दौरान तुर्क ने कहा कि भारत में हाल में हुए छात्र आंदोलन ने दिखाया कि सबसे अच्छी प्रतिक्रिया बातचीत है न कि बल का प्रयोग करना।
चीन और पाकिस्तान को लेकर जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने इस दौरान कई देशों के दमनकारी नीतियों को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन खत्म करन के लिए घातक बल का प्रयोग किया। आंदोलनकारियों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने चीन को लेकर भी गंभीर चिंता जाहिस की है। उन्होंने कहा कि वह वहां मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर चिंतित है।
ईरान की दमनकारी नीति का विरोध
वोल्कर तुर्क ने अन्य देशों की भी आलोचना की है। उन्होंने ईरानी अधिकारियों पर दमन बढ़ाने का आरोप लगाया और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोपों में मौत की सजा में हो रही बढ़ोतरी का जिक्र किया। उन्होंने निकारागुआ में विपक्षी दलों पर पाबंदियों, रूस में राजनीतिक विरोध को दबाने और अजरबैजान, जॉर्जिया, ट्यूनीशिया और युगांडा जैसे देश में मीडिया की आजादी पर बढ़ रही पाबंदियों की तरफ भी इशारा किया।
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