India-America Relation:भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बड़ा बयान दिया है। शुक्रवार यानी 28 अगस्त को सर्जियो गोर ने कहा कि अमेरिका में बने जैवलिन एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम को खरीदने की योजना भारत बना रहा है। इससे दोनों देशों के बीच रक्षा संबंध गहरे होने का संकेत मिल रहा है।
सार्जियो गोर ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम को खरीदने की योजना बना रहा है। लड़ाई में परखा हुआ है। यह खरीद ऐसे वक्त में हो रही है, जब भारत और अमेरिका रक्षा सहयोग बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
क्या होता है जैवलिन एंटी-टैंक सिस्टम
जैवलिन एक पोर्टेबल एंटी-टैंक सिस्टम है, जिसे मशहूर रक्षा और एयरोस्पेस निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन और आरटीएक्स ने मिलकर तैयार किया है। इसे बख्तरबंद टारगेट को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। अमेरिकी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करता है।
यह घटनाक्रम भारत द्वारा अमेरिकी रक्षा उपकरणों की बढ़ती खरीद पर निर्भर आधारित है। नवंबर 2025 में अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत संभावित 93 मिलियन डॉलर की बिक्री को हरी झंडी दी गई है। जिसमें 100 तक जैवलिन सिस्टम और 216 एक्सकैलिबर गाइडेड आर्टिलरी प्रोजेक्टाइल शामिल थे। भारत पहले से ही अपनी M777 होवित्जर लोपों के साथ एक्सकैलिबर गोला-बारूद का इस्तेमाल कर रहा है।
भारत-अमेरिका के रिश्ते होंगे समझौते
पिछले साल अमेरिका और भारत ने एक बड़ी रक्षा सौदा पर हस्ताक्षर किया था। जिसका मकसद जमीन, समुद्र, हवा, अंतरिक्ष और साइबरस्पेश में आपसी तालमेल को मजबूत करना था। भारत ने अमेरिका में बने कई हथियार और उपकरण भी हासिल किए हैं। जिनमें अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर , C-17 और C-130J ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और M777 होवित्जर शामिल हैं। सर्जियो गोर ने मई 2026 में शांगरी-ला डायलॉग में अमेरिकी रक्षा मत्री पीट हेगसेथ के बयानों का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि इस समझौते से अमेरिका-भारत रक्षा संबंध और मजबूत होंगे।
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