Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के दामोह से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक वकील को बर्थडे पार्टी का वादा करने नहीं देना भारी पड़ गया। यहां तक की दोस्त ने वकील को नोटिस भेजकर 41 हजार रुपए का दावा भी ठोक दिया है।
दरअसल, जिला न्यायालय के एक अधिवक्ता ने अपने साथी वकील और दोस्तों को जन्मदिन पर पार्टी देने का वादा किया था। हालांकि, वकील ने पार्टी नहीं दी। जिससे नाराज उनके दोस्त ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता के जरिए कानूनी नोटिस भेजकर 41,250 रुपए की क्षतिपूर्ति की मांग की है। अब दोनों पक्ष आमने-सामने है।
क्या है पूरा विवाद
बताया जा रहा है कि दमोह जिला न्यायालय के वकील गोविंद तिवारी का 10 अगस्त को जन्मदिन था। जन्मदि के बाद उनके साथी अधिवक्ताओं ने उनसे पार्टी मांगी। आरोप है कि गोविंद तिवारी ने अगले रविवार को पार्टी देने का आश्वासन दिया था। जब पार्टी नहीं मिली तो दोस्तों ने उनसे संपर्क किया। अब पार्टी का इंतजार कर रहे विशाल सिंह राजपूत का दावा है कि निर्धारित तारीख गुजरने के बाद भी पार्टी नहीं दी गई। ऐसे में उन्होंने अधिवक्तता कमल सिंह ठाकुर के जरिए गोविंद तिवारी को कानूनी नोटिस भेजा। जिसमें कहा गया है कि पार्टी नहीं मिलने के कारण उन्हें रेस्टोरेंट जाकर भोजन करना पड़ा। जिस पर 1750 रुपए खर्च हुए। विशाल सिंह का कहना है कि सात दिन के भीतर जवाब नहीं दिया गया तो कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
वकील गोविंद तिवारी के अलग दावे
दूसरी तरफ अधिवक्ता गोविंद तिवारी का कहना है कि उन्होंने पार्टी दी थी और उनके पास सबूत है। उनका कहना है कि बांदकपुर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में पार्टी को आयोजन किया गया था। जिसका बिल उनके पास है। गोविंद तिवारी ने कहा कि उन्हें नोटिस मिला है और वह उसका विधिवत जवाब देंगे। हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि नोटिस का जवाब नोटिस से ही दिया जाएगा। गोविंद तिवारी की तरफ से पक्ष रख रहे अधिवक्ता मनीष नगाइच ने कहा कि मामला दोस्त का है, इसलिए सबसे पहले इसे बातचीत के जरिए विवाद खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
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