CM Dhami: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कहा कि एनडीए शासित राज्यों ने भर्ती घोटालों और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्य ऐसी गड़बड़ियों को रोकने में विफल रहे हैं और भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक अनियमितताएं देखी जा रही हैं। CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजकर और एक सख्त नकल रोधी कानून लागू करके ‘धोखाधड़ी माफिया’ के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है।
CM धामी ने कहा ’NDA शासित सभी राज्यों में जहां भी नकल के मामले सामने आए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उत्तराखंड में हमने 'धोखाधड़ी माफिया' के सौ सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की, उन्हें जेल भेजा और नकल पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष कानून बनाया। इसके अलावा, भर्ती अभियान निर्धारित समय के अनुसार चलाए गए और पूरी तरह से संपन्न किए गए।‘
विपक्ष पर लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने इसकी तुलना झारखंड और पंजाब जैसे राज्यों से की और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं थीं। उन्होंने कहा ‘इसके विपरीत, झारखंड, पंजाब या अन्य राज्यों को ही ले लीजिए। पहले, 2012 से 2017 के बीच, उत्तर प्रदेश में भर्ती में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और धोखाधड़ी देखी गई।‘
विपक्षी दलों को निशाना बनाते हुए, धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी (AAP) और उनके सहयोगी दल ऐसी अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा ‘चाहे कांग्रेस पार्टी हो, समाजवादी पार्टी हो, आप हो या उनके कोई भी सहयोगी दल हों - इन सभी गलत कामों के लिए वही लोग जिम्मेदार हैं, और देश के युवा इसे समझते हैं।‘
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साजिशकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई
प्रधानमंत्री के ऐसे मामलों में कथित तौर पर शामिल युवाओं के प्रति दृष्टिकोण का जिक्र करते हुए, धामी ने कहा कि ध्यान उन लोगों को दंडित करने के बजाय मुख्य साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करने पर है जो प्रभावित हो सकते हैं। धामी ने कहा ‘प्रधानमंत्री ने इन युवाओं को, जो किसी भी कारण से गुमराह या पथभ्रष्ट हो गए हों, कानूनी झंझटों या सजा में नहीं डाला; बल्कि उन्होंने उन्हें माफ कर दिया।‘ सनातन धर्म के कथित अपमान के आरोप में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला करते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कहा कि संतों को बदनाम करना “सबसे घटिया कृत्य” है।
देहरादून में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने नेताओं के कृत्यों की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि पप्पू यादव और उनके साथियों ने लगातार सनातन धर्म को बदनाम करने का काम किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा ‘संतों को बदनाम करना सबसे घटिया हरकत है। मैंने पहले भी कहा था कि पप्पू यादव और 'पप्पू गिरोह' सनातन धर्म को लगातार बदनाम करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।‘ धार्मिक आयोजनों पर विपक्षी नेताओं के रुख पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐतिहासिक राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में निमंत्रण मिलने के बावजूद उनमें से कोई भी उपस्थित नहीं हुआ।
सनातन धर्म पर क्या बोले CM धामी?
धामी ने आगे कहा ‘जब राम मंदिर का निर्माण हो रहा था, तब भी उन्हें आमंत्रित किया गया था, लेकिन कोई भी नहीं आया; और आज वे हमारे संत समुदाय को बदनाम करने के लिए इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं। मेरा मानना है कि इससे सनातन धर्म के प्रति उनकी असली मानसिकता उजागर होती है।‘ अपने राज्य प्रशासन के जनसंपर्क कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री धामी ने राज्य सरकार की 'जन-जन की सरकार' पहल की प्रगति के बारे में भी विस्तार से बताया। उन्होंने जोर दिया कि इस अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों, विशेषकर दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच की खाई को पाटना है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा ‘जन-जन की सरकार पहल का उद्देश्य जनता की समस्याओं के समाधान के लिए संपूर्ण सरकारी प्रशासनिक तंत्र को जनता तक पहुंचाना है। इसमें उन लोगों को प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है जिनके पास प्रमाण पत्र नहीं हैं और यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि लोगों को विभिन्न केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिले... यह दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों को उनके घर के दरवाजे पर ही सुविधाएं प्रदान करता है।‘ जनसंपर्क अभियान के प्रमुख परिचालन मापदंडों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पहल में उत्तराखंड भर में जनता की व्यापक भागीदारी देखी गई है। उन्होंने कहा ‘अब तक दोनों चरणों में 65 लाख से अधिक लोग भाग ले चुके हैं और 60,000 से अधिक लोगों को उनकी शिकायतों का मौके पर ही समाधान मिल चुका है।‘