Keralam Floods: केरलम में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, जबकि सात लोग अभी भी लापता हैं। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान ने सोमवार को यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बारिश से संबंधित घटनाओं में मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए 10,000 रुपये की राशि की घोषणा की और कृषि विभाग को कृषि भूमि को हुए नुकसान के मुआवजे को संशोधित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। तिरुवनंतपुरम में सभी जिला कलेक्टरों के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सतीशान ने बताया कि लगभग 165 हेक्टेयर कृषि भूमि क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे 3,596 किसान प्रभावित हुए हैं।
राज्य भर में 15 लोगों की मौत
केरलम के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशान ने बताया ‘सुबह 9 बजे तक, राज्य भर में 316 राहत शिविरों में 11,018 लोग रह रहे हैं। अब तक 15 लोगों की मौत की सूचना मिली है। कोट्टायम के पूंजार निर्वाचन क्षेत्र में दो लोगों की मौत हुई, जबकि पुथुप्पल्ली में एक बच्चे की तालाब में गिरने से मौत हो गई। इडुक्की से दो, विझिंजम और मुथलापोझी से एक-एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। विझिंजम और मुथलापोझी से एक-एक व्यक्ति लापता है। मलप्पुरम में चार लोगों की मौत हुई है और एक व्यक्ति लापता है। कन्नूर में एक व्यक्ति की मौत हुई है और दो लोग लापता हैं, जबकि कोझिकोड से एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। अब तक, राज्य भर में 15 लोगों की मौत की सूचना मिली है, जबकि सात लोग अभी भी लापता हैं।‘
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने उन दावों का खंडन किया कि बांधों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे अचानक बाढ़ आ रही है। उन्होंने कहा ‘कई अफवाहें तेजी से फैलाई जा रही हैं, जिनमें सबसे प्रमुख यह दावा है कि बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। लोगों को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। प्रमुख जलाशयों में जलस्तर उनकी क्षमता से काफी नीचे है। गलत जानकारी न केवल सोशल मीडिया पर बल्कि अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से भी फैलाई जा रही है।‘
जलाशयों से पानी छोड़ने पर क्या बोले CM सतीशान?
CM सतीशान ने कहा ‘वर्तमान में इडुक्की में 38.91 प्रतिशत, इदामलयार में 46.64 प्रतिशत, बाणासुरा सागर में 52.9 प्रतिशत, कक्की में 44.82 प्रतिशत, कल्लाडा में 45 प्रतिशत, मलम्पूझा में 35 प्रतिशत और पीची में 34 प्रतिशत जलस्तर है। जलाशयों से पानी छोड़े जाने का व्यापक दावा झूठा है। इस तरह की गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि ये झूठी खबरें जनता में अनावश्यक दहशत पैदा कर सकती हैं।‘ वित्तीय सहायता की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा ‘समुद्री कटाव के प्रति संवेदनशील क्षेत्रों की बारीकी से निगरानी के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। बारिश से संबंधित घटनाओं में जान गंवाने वालों के अंतिम संस्कार के खर्च के लिए 10,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।‘
उन्होंने आगे कहा ‘राहत शिविरों से घर लौट रहे जिन लोगों के घर बाढ़ में डूब गए हैं, उनके लिए तत्काल सहायता के रूप में 10,000 रुपये प्रति व्यक्ति सीधे देने की व्यवस्था की गई है। फसल क्षति के लिए मौजूदा मुआवजा बहुत कम है। उदाहरण के लिए, यदि लगभग 2.5 एकड़ धान की खेती नष्ट हो जाती है, तो मुआवजा केवल 13,500 रुपये है। कृषि विभाग को मुआवजे में संशोधन के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा गया है। सरकार ने फसल क्षति से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे में वृद्धि करने का निर्णय लिया है और इस मामले पर अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी।‘
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165 हेक्टेयर कृषि भूमि क्षतिग्रस्त, 3,596 किसान हुए प्रभावित
CM सतीशान ने आगे कहा ‘प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 165 हेक्टेयर कृषि भूमि क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे 3,596 किसान प्रभावित हुए हैं। अंतिम आकलन पूरा होने के बाद यह संख्या थोड़ी बढ़ सकती है।‘ सतीशान ने बताया कि भारी बारिश के बीच बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित पथानामथिट्टा, कोट्टायम और राज्य के अन्य हिस्सों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सुरक्षा बलों की टीमें तैनात की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा ‘NDRF की एक टीम पथानामथिट्टा में तैनात कर दी गई है, जबकि दो टीमें कोट्टायम में तैनात हैं। अरक्कोनम से एनडीआरएफ की दो अतिरिक्त टीमों को बुलाया गया है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर भेजा जा सकता है। हेलीकॉप्टर भी पहुंच गए हैं। जरूरत पड़ने पर अलाप्पुझा में आईटीबीपी कर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह, जरूरत पड़ने पर कन्नूर और वायनाड में रक्षा सुरक्षा कोर के कर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।‘
सतीशान ने कहा ‘मानसून से संबंधित व्यवधानों से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा के लिए आज सुबह राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, संबंधित मंत्रियों, जिला कलेक्टरों और अधिकारियों की एक आपातकालीन बैठक हुई। प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार, सभी जिलों में स्थिति नियंत्रण में है।‘उन्होंने कहा ‘पथानामथिट्टा में कुछ क्षेत्रों में पानी पूरी तरह से नहीं उतरा है, लेकिन अन्य जगहों पर स्थिति नियंत्रण में है। जरूरत पड़ने पर बचाव कार्यों के लिए कोल्लम से चौदह मछली पकड़ने वाली नौकाओं को पथानामथिट्टा लाया गया है। शिरूर से दो हेलीकॉप्टर तिरुवनंतपुरम पहुंच गए हैं, और एनडीआरएफ की एक टीम भी तैनात की गई है। आवश्यक पुलिस और अग्निशमन एवं बचाव सेवाएं तैनात हैं। भोजन के पैकेट भी वितरण के लिए तैयार कर लिए गए हैं, आवश्यकता पड़ने पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी वितरण किया जाएगा। राज्य भर में पर्याप्त तैयारियां कर ली गई हैं।‘
कई लाख बिजली कनेक्शन को पहुंचा नुकसान
राज्य के बिजली मंत्री सनी जोसेफ ने कहा कि क्षतिग्रस्त बिजली कनेक्शनों में से 92 प्रतिशत बहाल कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा ‘4,80,614 बिजली कनेक्शन क्षतिग्रस्त हुए थे। इनमें से 92 प्रतिशत थोड़े ही समय में बहाल कर दिए गए। केवल 35,118 कनेक्शन बचे हैं।‘ 2892 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए थे। इनमें से 2600 ट्रांसफार्मर पानी उतरने के बाद मरम्मत करके चालू कर दिए गए हैं। 1872 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए थे। इनकी मरम्मत तेजी से की जा रही है।बिजली क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान पथानामथिट्टा जिले में हुआ, उसके बाद कन्नूर का नंबर आता है। कन्नूर में, श्रीकांतपुरम सर्कल के अंतर्गत चेरुपुझा से लेकर इरिट्टी सर्कल के पहाड़ी इलाकों में नुकसान ज्यादा गंभीर था। सनी जोसेफ ने बताया कि इन समस्याओं को हल करने के लिए कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं।