Uttarakhand Rain: देशभर में बारिश का दौर जारी है। कई राज्यों में हुई तेज बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। जबकि नेपाल और असम में बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। उत्तराखंड में भी लगातार बारिश हो रही है। जिस वजह से भूस्खलन और नदी-नालों में पानी का जलस्तर बढ़ रहा है। इस तरह की घटनाओं में अभी तक सात लोगों की जान चली गई। तो वहीं, राज्य में दो राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 172 सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई है। जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के कई स्थानों पर 07 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है।
बता दें, मंगलवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने 2 सितंबर की सुबह 10 बजे तक राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया। अलर्ट के अनुसार, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, आज दोपहर 3:58 बजे से अगले 18 घंटों तक गरज, बिजली और तेज बारिश के साथ बहुत भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में चौखुटिया, भिकियासेन, रानीखेत, भनोली, कटारमल, जैंती, रामनगर, भीमताल, हलद्वानी, मुक्तेश्वर, कोटाबाग, भवाली और द्वाराहाट सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।
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भारी बारिश ने ली कई जानें
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने मचाई है। कई जिलों से इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं। जैसे पौड़ी के कोटद्वार में नदी के तेज बहाव की वजह से 26 वर्षीय मां और उसकी डेढ़ साल की बेटी बह गए। बचाव अभियान के दौरान दोनों के शव बरामद हुए हैं। इसके अलावा अल्मोड़ा से भी ऐसे ही हादसे की खबर सामने आई है। जिसमें करीब 5 लोगों की मौत हो गई हैं। बताया जा रहा है कि हवालबाग के उदयुड़ा गांव के एक मकान पर मलबा गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दो महिलाओं और एक बच्चा शामिल था। धार के टूनी इलाके में भी मलबे में दबने से दो नेपाली मजदूर मारे गए। सभी के शव हरामद किए गए हैं।
टिहरी-चमोली में लैंडस्लाइड, केदारनाथ रुकी
राज्य के टिहरी-चमोली इलाके में भी बारिस का दौर जारी है, जिस वजह से लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही है। भारी बारिश के चलते NH-34 कई सड़कों पर आवाजाही रोकी गई। पूरी सड़कें मलबे से लबालब थी। भूस्खलन की घटनाओं से समस्या को और बढ़ा दिया। जिसके चलते प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोनप्रयाग में केदारनाथ यात्रा को रोकने का निर्देश जारी किया। फिलहाल सड़कों से मलबा हटाने का काम जारी है।
उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ जैसे हालात
उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश का दौर जारी है। जिस वजह से कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। जानकारी के अनुसार, गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 1.60 मीटर ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे कयास भी लगाए जा रहे है कि ये जलस्तर आगे और बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने गंगा नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है।