Ram Mandir Donation Case: उत्तर प्रदेश के अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आज 02 नवंबर 2026 सोमवार को अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं का निपटारा करते हुए आगे की सुनवाई निचली अदालत में जारी रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि चूंकि मामले में विशेष जांच दल (SIT) चार्जशीट दाखिल कर चुका है, इसलिए अब कानूनी प्रक्रिया संबंधित निचली अदालत में आगे बढ़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को मुकदमे की सुनवाई के दौरान निचली अदालत की सहायता करने की अनुमति भी दी है।
SIT की जांच में सामने आईं 105 संदिग्ध घटनाएं
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच के लिए गठित SIT ने अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है। जांच में मंदिर के चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित तौर पर नकदी को बिना अनुमति निकालने या छिपाने की 105 घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में आठ आरोपियों की भूमिका की जांच की गई है। SIT की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध जमा राशि और संपत्तियों में निवेश से जुड़ी जानकारियां भी सामने आई हैं। जांच टीम ने CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल की है। इस मामले में फॉरेंसिक ऑडिटर की भी मदद ली गई थी।
याचिकाकर्ता भी रख सकेंगे अपना पक्ष
सुनवाई के दौरान भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को जांच और चार्जशीट से जुड़ी जानकारी दी। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में जनहित का पहलू भी जुड़ा हुआ है। अदालत ने याचिकाकर्ताओं को मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने अपना पक्ष रखने और शिकायतकर्ता की तरह अदालत की सहायता करने की छूट दी है। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्यवाही करे।
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