Punjab News: शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार को सरकारी कर्मचारियों द्वारा लंबित महंगाई भत्ता (डीए) के बकाया भुगतान की मांग को लेकर कथित सामूहिक अवकाश विरोध प्रदर्शन को लेकर पंजाब सरकार की कड़ी आलोचना की। चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय से सामने आए दृश्यों पर प्रतिक्रिया देते हुए बादल ने दावा किया कि 3 लाख से अधिक कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं और सरकार पर इस प्रतिष्ठित कार्यालय को "शर्मिंदा" करने का आरोप लगाते हुए कहा कि "कोई भी जनसंपर्क या मीडिया प्रतिबंध" इस स्थिति को छिपा नहीं सकता।
उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए कहा 'ऐ की होया, केजरीवाल मोया! चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय के अंदर अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिले, जहां आज 3 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारी अपने लंबित महंगाई भत्ते की मांग को लेकर छुट्टी पर चले गए। एक प्रतिष्ठित कार्यालय को ऐसी शर्मिंदगी उठानी पड़ी है! अब कोई भी जनसंपर्क या मीडिया प्रतिबंध गुरुदोखी @bhagwantmann @aappunjab की मदद नहीं कर सकता। मुर्दाबाद!'
CM भगवंत मान ने क्या कहा?
दूसरी ओर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि संवाद और चर्चा एक साथ नहीं चल सकते और प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंनेे कहा 'कर्मचारी हमारे परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हम उनकी हर जायज चिंता को सुनने के लिए तैयार हैं... लेकिन संवाद और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकते... सरकार हर मुद्दे को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी जब हड़ताल समाप्त होगी।'
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कर्मचारियों की मांगे क्या हैं?
गुरु नानक देव अस्पताल, सरकारी मेडिकल कॉलेज, अमृतसर के अध्यक्ष और पंजाब पैरा-मेडिकल और स्वास्थ्य कर्मचारी समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने बताया कि आज सुबह पंजाब भर के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं प्रभावित हुई हैं क्योंकि कर्मचारी अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी पिछले साढ़े चार वर्षों से भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के खिलाफ अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
नरेंद्र सिंह ने आगे बताया कि इन मांगों में सभी संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, विभिन्न श्रेणियों के तहत नियुक्त कर्मचारियों के लिए पेंशन लाभों का कार्यान्वयन, महंगाई भत्ता (डीए) की लंबित किस्तों का भुगतान और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सहायकों, मध्याह्न भोजन कार्यकर्ताओं और अन्य कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है। सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों को बार-बार बैठक की तारीखें दी हैं, लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनसे मुलाकात नहीं की है और बैठकें बार-बार स्थगित होती रही हैं। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को चंडीगढ़ में तीन लाख से अधिक कर्मचारियों ने एक रैली में भाग लिया। 27 अगस्त को पंजाब भर में सरकारी कर्मचारी पूर्ण हड़ताल पर रहेंगे और ब्लॉक, जिला और मुख्यालय स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।