Search KhabarFast

Press ESC to close

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद NCERT का यू-टर्न, माफी मांगते हुए कहा - 8वीं की किताब दोबारा होगी तैयार

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद NCERT का यू-टर्न, माफी मांगते हुए कहा - 8वीं की किताब दोबारा होगी तैयार

NCERT Class 8 Textbook Controversy: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तक में हुई अनजाने गलती के लिए माफी मांग ली है। NCERT ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि पुस्तक के अध्याय में न्यायपालिका से जुड़े कुछ अनुचित और गलत सामग्री अनजाने में शामिल हो गई थी। इस कारण पुस्तक का वितरण तत्काल रोक दिया गया है और इसे उपयुक्त अधिकारियों के परामर्श से दोबारा लिखा जाएगा। नई संस्करण शैक्षणिक सत्र 2026-27की शुरुआत में कक्षा 8के छात्रों को उपलब्ध कराया जाएगा।

कैसे शुरु हुआ विवाद?

विवाद की शुरुआत तब हुई जब NCERT ने 24फरवरी 2026को कक्षा 8के लिए नई सामाजिक विज्ञान पुस्तक 'Exploring Society: India and Beyond, Part II' जारी की। इसमें अध्याय 4 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' में न्यायपालिका के सामने चुनौतियों का जिक्र करते हुए 'न्यायपालिका के विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार', लंबित मामलों की भारी संख्या (सुप्रीम कोर्ट में लगभग 81,000, हाई कोर्ट में 62लाख से अधिक) और पर्याप्त जजों की कमी जैसी बातें शामिल थीं। इन बिंदुओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और बुधवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने इसे गंभीरता से लिया।

CJI सूर्यकांत ने कहा कि न्यायपालिका को बदनाम करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। उन्होंने NCERT की ओर इशारा करते हुए कहा कि संस्था की गरिमा और अखंडता पर दाग नहीं लगने दिया जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा मामले को उठाए जाने पर कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए इसे 'In Re: Social Science Textbook for Grade-8 (Part 2) published by NCERT and ancillary issues' नाम से दर्ज किया। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली भी शामिल थे। कोर्ट ने 26फरवरी को सुनवाई तय की है।

NCERT ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति

NCERT ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह अनजाने में हुई गलती थी और न्यायपालिका को संविधान का संरक्षक तथा मौलिक अधिकारों का रक्षक मानते हुए ऐसी सामग्री शामिल करने का कोई इरादा नहीं था। परिषद ने कहा 'हम न्यायपालिका के प्रति पूर्ण सम्मान रखते हैं और संस्थागत गरिमा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।' NCERT ने पुस्तक को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है और बिक्री पर सख्त रोक लगा दी है। जहां कुछ प्रतियां बिकी थीं, वहां से उन्हें वापस मंगाया जा रहा है।

Leave Your Comments



संबंधित समाचार

IAS Pari Bishnoi: 24 साल की उम्र में परी बिश्नोई बनी IAS अफसर, हरियाणा के पूर्व सीएम के घर की बनी बहू

IAS Pari Bishnoi: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों को ही मिल पाती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है IAS अधिकारी परी बिश्नोई की, जिन्होंने लगातार प्रयास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर महज 24 वर्ष की उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जगह बनाई।

IAS Success Story: लाखों की नौकरी छोड़ UPSC की राह चुनी, तीसरे प्रयास में हासिल की ऑल इंडिया 6वीं रैंक

IAS Success Story: आमतौर पर लोग एक अच्छी नौकरी मिलने के बाद अपने करियर को और बेहतर बनाने की दिशा में काम करते हैं। लेकिन कुछ लोग अपने सपनों को पूरा करने के लिए सुरक्षित करियर और आकर्षक वेतन पैकेज तक छोड़ने का साहस दिखाते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है विशाखा यादव की, जिन्होंने लाखों रुपये के पैकेज वाली नौकरी छोड़कर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और आखिरकार तीसरे प्रयास में देशभर में छठी रैंक हासिल कर सफलता का नया इतिहास रच दिया।

लाइव अपडेट

बड़ी खबरें

Khabar Fast