Haryana NCR Districts: दिल्ली और आसपास के राज्यों के क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) कहा जाता है। इन क्षेत्रों में UP, राजस्थान और हरियाणा राज्य आता है। लेकिन NCR में सबसे बड़ा हिस्सा हरियाणा का है। वहीं, बीते कुछ समय से इन क्षेत्रों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार, सरकार NCR को सिकोड़ने की तैयारी में है।
दरअसल, एनसीआर प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 16 जून को एक अहम बैठक होने वाली है। इस बैठक में NCR की सीमा तय करने वाले 'ड्राफ्ट रीजनल प्लान-2041' पर फैसला होगा। लेकिन इस बैठक से पहले जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक, NCR की सीमा में कोई फेर-बदल नहीं किया जाएगा। अब अगर ऐसा होता है तो सबसे बड़ा झटका हरियाणा सरकार को लगा है। क्योंकि सरकार कुछ जिलों को NCR के दायरे से बाहर करने की तैयारी है।
Also read: Haryana news : हरियाणा में अवैध कब्जों पर चला पीला पंजा, विभाग ने की बड़ी कार्रवाई
NCRPB की बैठक
NCRPB की बैठक से पहले जो एजेंडा सामने आया है, उसके अनुसार, NCR की सीमा में कोई कटौती नहीं की जाएगी। अगर इस फैसले पर मुहर लग जाती है तो NCR में आने वाले क्षेत्रों पर पहले वाले ही नियम-कानून और विकास कार्य लागू होंगे।
हरियाणा सरकार का प्रस्ताव
बता दें, हरियाणा सरकार की तरफ से एनसीआर प्लानिंग बोर्ड को एक प्रस्ताव पेश किया गया है। जिसके अनुसार,हरियाणा के नव-शामिल 5 जिलों को NCR से बाहर कर दिया जाए। इन जिलों में जींद, भिवानी, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और करनाल शामिल हैं। पहले इन जिलों के NCR में शामिल होने को विकास का बड़ा अवसर माना जाता था। लेकिन अब सरकार ने इस विकास के अवसर पर कड़ी आपत्ति जताई है।
हरियाणा सरकार का मानना है कि NCR में आने वाले इन क्षेत्रों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT), सुप्रीम कोर्ट और केंद्र सरकार के प्रदूषण नियंत्रण के आदेश लागू किए जाते हैं। जिस वजह से ईंट-भट्ठे, कोयला आधारित उद्योग और निर्माण गतिविधियां इन जिलों में आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगा देती हैं। इसलिए प्रस्ताव में दिल्ली के राजघाट को केंद्र मानकर सिर्फ 100 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों को ही NCR में रखने की बात कही गई है।