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आधी रात को JNU कैंपस में फिर बवाल, प्रशासन और छात्र आमने-सामने; जानें क्या है पूरा मामला?

आधी रात को JNU कैंपस में फिर बवाल, प्रशासन और छात्र आमने-सामने; जानें क्या है पूरा मामला?

JNU Campus Protest: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर विरोध-प्रदर्शन और हिंसा की चपेट में है। गुरुवार शाम से शुरू हुआ छात्रों का 'लॉन्ग मार्च' आधी रात तक तनावपूर्ण झड़प में बदल गया, जिसमें पुलिस और छात्रों के बीच भारी टकराव हुआ। JNU छात्र संघ (JNUSU) ने कुलपति प्रोफेसर शांतिश्री धुलिपुडी पंडित के कथित जातिवादी बयानों के विरोध में शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने अनुमति नहीं दी। बावजूद इसके 400से 500छात्र कैंपस गेट पर जुटे और बैरिकेड तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की, जिससे स्थिति बिगड़ गई।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, यह विवाद कुलपति के एक पॉडकास्ट इंटरव्यू से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने UGC के नए इक्विटी रेगुलेशंस 2026को 'अनावश्यक' बताते हुए कहा कि कुछ लोग खुद को स्थायी रूप से पीड़ित मानकर 'विक्टिम कार्ड' खेलते हैं। यह टिप्पणी दलितों और अमेरिका में अश्वेतों के संदर्भ में थी। छात्र संघ और वामपंथी संगठनों ने इसे जातिवादी और नस्लभेदी करार दिया, कुलपति से माफी और इस्तीफे की मांग की।

इसके अलावा JNUSU के चार पदाधिकारियों के निष्कासन और रोहित एक्ट लागू करने जैसे मुद्दे भी जुड़ गए। पिछले कुछ दिनों से कैंपस में हड़ताल, लॉकडाउन कॉल और समता जुलूस जैसे प्रदर्शन हो रहे थे, जिसमें ABVP और लेफ्ट गुटों के बीच भी टकराव हुआ। 22फरवरी की रात को भी पथराव और मारपीट की घटनाएं हुईं, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले का आरोप लगा रहे हैं।

आधी रात का बवाल कैसे भड़का?

गुरुवार दोपहर करीब 3:20बजे छात्र मुख्य गेट से बाहर निकलने लगे। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोका, जिस पर छात्रों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने लाठी-डंडे, जूते, पत्थर फेंके और कुछ ने पुलिसकर्मियों को काटा भी, जिससे 25से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए। छात्रों का आरोप है कि बिना वर्दी वाले लोग शामिल थे और पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया, घसीटकर हिरासत में लिया। रात भर चले टकराव में कुल 51छात्रों को हिरासत में लिया गया, जिनमें JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार, उपाध्यक्ष गोपिका बाबू और संयुक्त सचिव दानिश अली शामिल हैं। बाद में पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत दी, लेकिन 14लोगों के खिलाफ FIR दर्ज हुई।

इसके बाद कैंपस में भारी पुलिस बल और RAF तैनात है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाहरी प्रदर्शन की अनुमति न देने की बात दोहराई, जबकि छात्रों का कहना है कि यह असहमति का दमन है। JNUSU ने आंदोलन जारी रखने और राष्ट्रीय विरोध दिवस मनाने की घोषणा की है। ABVP ने लेफ्ट गुटों पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है।

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