National Census: 2025 से शुरू होगी जनगणना... तो 2028 में परिसीमन, क्या सेंसस के दौरान जाति भी पूछी जाएगी?

National Census: 2025 से शुरू होगी जनगणना... तो 2028 में परिसीमन, क्या सेंसस के दौरान जाति भी पूछी जाएगी?

National Census From 2025: देशभर में जनगणना कराने को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि देशभर में 2025 से जनगणना शुरू होगी और 2026 तक चलेगी। इसके अलावा बताया गया है कि 2028 तक परिसीमन भी करा लिया जाएगा।

जातिगत जनगणना पर फैसला नहीं 

बता दें कि, देशभर के कई राजनीतिक पार्टीयां जातिगत जनगणना की मांग कर रही है लेकिन केंद्र सरकार ने इस बारे में अभी फैसला नहीं लिया है। गौरतलब है कि, समान्य तौर पर जनगणना में धर्म और वर्ग पूछा जाता रहा है। जनगणना के दौरान सामान्य जाति, अनुसूचित जाति और जनजाति के बारें में भी जानाकारी ली जाती है। इस बार लोगों से यह भी पूछा जा सकता है कि वे किस संप्रदाय के अनुयायी हैं? उदाहरण के तौर पर कर्नाटक में सामान्य वर्ग में आने वाले लिंगायत स्वयं को अलग संप्रदाय के मानते हैं। इसी तरह अनुसूचित जाति के भी कुछ लोग खुद को दूसरे संप्रदाय के मानते हैं।

2021 में होनी थी जनगणना           

आपको बता दें कि जनगणना साल 2021 में होनी थी लेकिन कोरोना महामारी को लेकर जनगणना की समय-सीमा बढ़ा दी गई थी। भारत में पिछली बार जनगणना 2011 में हुई थी। वहीं, अब 2025 में जनगणना होने वाली है। कुछ इसी तरह की जनगणना 2035 में होगी। क्योंकि भारत में हर 10 साल के बाद जनगणना होती है।  

जनगणना का इतिहास

बता दें कि, भारत में पहली बार जनगणना 1872 में गवर्नर-जनरल लॉर्ड मेयो के शासन काल के दौरान की गई थी। वहीं, 1881में भारत की पहली संपूर्ण जनगणना 1881आयुक्त डब्ल्यू.सी. प्लोडेन के द्वारा कराई गई थी। इसके बाद यह हर 10साल में 1बार होती आ रही है। हालांकि, कई बार जनगणना की समय-सीमा में गैप भी देखी गई। वहीं, स्वतंत्र भारत की पहली जनगणना 1951 में की गई थी। इसके बाद भारत में अब तक छह बार जनगणना आयोजित कराई जा चुकी है।        

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