“किसी भी हालात में इसे मंजूर नहीं करेंगे”, वक्फ संशोधन बिल पर सांसद इमरान मसूद का बड़ा बयान

“किसी भी हालात में इसे मंजूर नहीं करेंगे”, वक्फ संशोधन बिल पर सांसद इमरान मसूद का बड़ा बयान

Waqf Bill Latest News: वक्फ संशोधन बिल को लेकर देशभर में चर्चा का बाजार गर्म है। JPCकी बैठके लगातार देश के कई हिस्सों में आयोजित हो रही हैं। शीतकालीन सत्र से पहले कमेटी को रिपोर्ट पेश करना है। देश के कई भाग में इसके खिलाफ रैलियां भी हो रही हैं। वहीं, इन रैलियों में वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ जमकर बयानबाजी भी हो रही हैं। इस बीच सहारनपुर से कांग्रेस सासंद इमरान मसूद ने जयपुर में आयोजित एक सभा में बड़ा बयान दिया। उन्होंने वक्फ संशोधन बिल को मुसलमानों के खिलाफ साजिश बताया। इसके अलावा सांसद मुजीबुर्रहमान ने कहा कि ये लड़ाई हमसे नहीं बल्कि रब से मोल ली है। इस साथ ही इस वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ हुई सभा में 24 नवंबर को दिल्ली कूच करने की घोषणा की गई। बता दें, इमरान मसूद और मुजीबुर्रहमान, दोनों ही सांसद JPCके सदस्य हैं।

“केंद्र सरकार की मंशा सही नहीं”

सासंद इमरान मसूदने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को पता नहीं है कि वक्फ होता क्या है?हमारे संविधान ने काफी अधिकार दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि संविधान ने हमें कहा है कि हम हमारे धर्म को माने। साथ ही उन्होंने कहा कि हम किसी भी हालात में इस बिल को मंजूर नहीं करेंगे। इमरान ने कहा कि अभी मुस्लिम समाज का नंबर आया है। इसके बाद वो मंदिरों के साथ भी ऐसा ही करेंगे। मसूद ने इसे आजादी के बाद मुसलमानों के खिलाफ सबसे बड़ा हमला बताया।

वहीं, सांसद मुजीबुर्रहमान ने कहा कि ये लड़ाई हमसे नहीं बल्कि रब से है। हमारे बुजुर्गों का खून इस हिंदुस्तान में बहा है। आज हमारे हिंदुस्तान को तोड़ने की कोशिश की जा रही है। सांसद ने आगे कहा कि इस सरकार ने देश में शिक्षा का बजट कम कर दिया है। स्कूलों को बंद कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुसलमान तो बस एक बहाना है, इनका मकसद देश को कमजोर करना है।

शीताकालीन सत्र में पेश होगा बिल

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही एक प्रेस वार्ता के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रुप से कहा था कि शीतकालीन सत्र में वक्फ संशोधन बिल पेश किया जाएगा। भाजपा के साथी दल भी इस बिल का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में लग रहा है कि ये बिल शीतकालीन सत्र में पास कर दिया जाएगा। सरकार ने इस बिल में कई बदलाव किए हैं। हालांकि, इस संशोधन बिल से विपक्ष असहमत नजर आ रहा है। इसके अलावा तमाम मुस्लिम संगठन भी इस बिल का विरोध कर रहा है। बीते दिनों मौलाना मदनी के अगुवाई में दिल्ली के सभागार में इस बिल के विरोध में बड़ी बैठकी हुई थी। मुस्लिम संगठनों के द्वारा इस सभाओं और रैलियों के माध्यम से दवाब बनाने की कोशिश भी हो रही है।

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