
भारत की दिग्गज महिला मुक्केबाज एम.सी. मैरी कॉम यहां जारी विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में 51 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं।
सेमीफाइनल में मैरी की नजरें इस टूनार्मेंट में अपने रिकार्ड सातवें स्वर्ण पर होंगी। मैरी इस बार बदले हुए भारवर्ग में खेल रही हैं। 48 किलोग्राम भारवर्ग में उन्होंने विश्व चैम्पियनशिप में छह स्वर्ण अपने नाम किए हैं। और 51 किलोग्राम भारवर्ग में यह विश्व चैम्पियनशिप में उनका पहला पदक है।
महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में मेरीकॉम का यह 8वां पदक है उन्होंने क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया की इंग्रीट वालेंसिया को 5-0 से हराकर पदक पक्का कर लिया था।
पुरुष और महिला दोनों विश्व चैम्पियनशिप की बात करें, तो मेरीकॉम ने सर्वाधिक 8 पदक अपने नाम कर लिये हैं। यानी महिला या पुरुषों दोनों वर्गों ने सर्वाधिक विश्व चैम्पियनशिप पदक अब मेरीकॉम के नाम हैं। उन्होंने पुरुष मुक्केबाज क्यूबा के फेलिक्स सेवॉन 1986-1999 को पीछे छोड़ा, जिनके नाम विश्व चैम्पियनशिप में 7 पदक थे।
दूसरी सीड काकिरोग्लू के खिलाफ भारतीय खिलाड़ी ने संभलकर शुरुआत की। पहले राउंड में मेरीकॉम ने अपनी प्रतिद्वंद्वी के मूव को परखा और अपना पूरा समय लिया। मेरीकॉम ज्यादा आक्रामक नहीं हुईं और काकिरोग्लू के जैब को भी आसानी से डौज किया।
मेरीकॉम ने दूसरे बाउट में यूरोपीयन चैम्पियन के खिलाफ शुरू से ही अटैकिंग रुख अपनाया। उन्होंने कई जैब और हुक लगाए। भारतीय खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी को कई बार रिंग के पास ले जाने में कामयाब हुई। हालांकि दोनों खिलाड़ियों को ज्यादा सफलता नहीं मिली और मुकाबला कांटे का रहा।
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