
3 Dead Bodies Found In Manipur: मणिपुर-असम बॉर्डर के पास 3 शव बरामद किए गए है। जिसमें 2 बच्चों और एक महिला शामिल हैं। बता दें, कुछ दिन पहले ही उग्रवादियों ने जिरीबाम के एक परिवार के छह सदस्यों का अपहरण किया था। ऐसे में ये आशंका जताई जा रही है कि ये शव उन्हीं के हो सकते है।
मिली जानकारी के अनुसार, तीनों शव अंतर-राज्यीय सीमा के पास और अपहरण की जगह से लगभग 15 किलोमीटर दूर मिले। लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि शव अपहरण किए गए लोगों का ही है या नहीं। वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि 'शवों को पहचान के लिए सिलचर ले जाया गया है। लेकिन अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है।' अब अगर पुलिस पहचान की पुष्टि करने में असमर्थ रहती है, तो DNAटेस्ट किया जाएगा।
कब हुआ हमला?
बता दें, जिरिबाम जिले के जकुराडोर करोंग इलाके में मौजूद बोरोबेकेरा पुलिस स्टेशन पर कुकी उग्रवादियों ने हमला किया था। ये हमला 11 नवंबर की दोपहर करीब 2.30 से 3 बजे के बीच किया गया था। वहीं, जवाबी फायरिंग में सुरक्षाबलों ने 10 उग्रवादियों को मार गिराया था।
बताया जा रहा है कि पुलिस स्टेशन के नजदीक ही मणिपुर हिंसा में विस्थापित लोगों के लिए एक राहत शिविर है। यहां रह रहे लोग कुकी उग्रवादियों के निशाने पर बने हुए हैं। शिविर पर पहले भी हमले हुए थे। इसके बाद उग्रवादियों ने जिरीबाम गांव एक मैतेई परिवार के छह सदस्यों को अगवा कर लिया था। जिसमें तीन महिलाएं और तीन बच्चे शामिल थे। इसके बाद 12 नवंबर मंगलवार को इसी गांव के दो नागरिकों के शव बरामद किए गए थे।
मणिपुर में AFSPA हुआ लागू
बता दें, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 14 नवंबर गुरुवार को मणिपुर के 5 जिलों के 6 थानों में फिर से आर्म्ड फोर्सेस स्पेशल प्रोटेक्शन एक्ट (AFSPA) लागू कर दिया गया है। यह 31 मार्च 2025 तक प्रभावी रहेगा। गृह मंत्रालय ने कहा कि इन इलाकों में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के चलते फैसला लिया गया। AFSPA लागू होने से सेना और अर्ध-सैनिक बल इन इलाकों में कभी भी किसी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकते हैं।
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