Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र में नामांकन प्रक्रिया खत्म तो टेंशन शुरू, अजित पवार-उद्धव ठाकरे को लेकर अटकलें?

Maharashtra Election 2024: महाराष्ट्र में नामांकन प्रक्रिया खत्म तो टेंशन शुरू, अजित पवार-उद्धव ठाकरे को लेकर अटकलें?

Maharashtra Assembly Election 2024:महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया खत्म हो गई है। वहीं, नामाकंन वापस लेने की अंतिम तिथी 4 नवंबर है। इसी के साथ सभी दलों ने 288 विधानसभा पर अपने-अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। चुनाव में मुख्य मुकाबला महायुति बनाम एमवीए के बीच है। महायुति में भाजपा, शिवसेना( शिंदे गुट) और एनसीपी ( अजित गुट) शामिल है। इसके अलावा भी कई अन्य क्षेत्रिय पार्टियां मैदान में हैं।

सीटों का ऐसे हुआ बंटवारा

288 विधानसभा सीटों वाली महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन ने सीटों का बंटावारा कुछ इस तरह किया है। जिसमें भाजपा 152 सीटों,  शिवसेना( शिंदे गुट) 80 सीटों और एनसीपी ( अजित गुट) 52 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसी तरह एमवीए यानी महाविकास अघाड़ी में शिवसेना ( उद्धव गुट), एनसीपी ( शरद गुट) और कांग्रेस शामिल है। एमवीएम में कांग्रेस बड़े भाई की भूमिका में दिखाई दे रही है। बता दें कि कांग्रेस 101 सीटों, शिवसेना ( उद्धव गुट) 96 सीटों और एनसीपी (शरद गुट) 87 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं, अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के लिए दो सीटें छोड़ दी है।

महाविकास अघाड़ी में अंतर्कलह    

महाराष्ट्र चुनाव को देखते हुए भले ही एमवीए के सारे दलों ने चुप्पी साध रखी है लेकिन सच यहा एमवीए के सारे दलों के बीच अंतर्कलह जारी है। बस सभी चुनाव जीतने के लिए एक-दूसरे पर निशाना साधने से बच रहे हैं। ये हम नहीं कर रहे हैं बल्कि कुछ घटनाएं बता रही है। बता दें कि पिछले हफ्ते सीट-शेयरिंग को लेकर शिवसेना ( उद्धव ठाकरे ) और कांग्रेस के अनबन की खबरें आई थी।  बाद में दोनों दलों को शरद पवार से हस्तक्षेप कर सीट बंटवारे के लिए राजी किया। अब ये सोचने वाली बात है कि, सीट शेयरिंग को लेकर इतनी माथापच्ची हो रही है। अगर एमवीए गठबंधन कहीं सरकार बना लेता है, तो सीएम के चेहरे को लेकर क्या होगा?                

महायुति में भी मनमुटाव                                  

वहीं, महायुति गठबंधन में भी सीट शेयरिंग को लेकर घमासान मचा हुआ था। हालांकि महायुति की तरफ से उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि जिन सीटों को लेकर मतभेद है। वो आने वाले दिनों में सुलझा लिए जाएंगे। पर जिस तरह भाजपा में अंदर ही अंदर नवाब मलिक और उनकी बेटी को लेकर विरोध हो रहा है उससे स्पष्ट लगता है कि पार्टी में 2 गुट बन गए हैं। बता दें कि, आशीष शेलार और किरीट सौमैया ने खुलकर नवाब मलिक का विरोध किया था।

 

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