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सावधान! घंटों बैठे रहने से बढ़ रहा डीप वेन थ्रोमबोसिस का रिस्क, इन लोगों के लिए बन सकती है जानलेवा

सावधान! घंटों बैठे रहने से बढ़ रहा डीप वेन थ्रोमबोसिस का रिस्क, इन लोगों के लिए बन सकती है जानलेवा

Deep Vein Thrombosis Risk: आज की लाइफस्टाइल की वजह से युवाओं में डीप वेन थ्रोमबोसिस (DVT) यानी गहरी नसों में खून का थक्का जमने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने से खून का प्रवाह रुक जाता है, जिससे पैरों की गहरी नसों में थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति 'सिटिंग डिजीज' या 'इकोनॉमी क्लास सिंड्रोम' के नाम से भी जानी जाती है। हाल के सालों में 23से 45साल के युवाओं में DVT के मामलों में लगभग 50प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, खासकर धूम्रपान करने वालों और लंबे समय तक डेस्क जॉब, गेमिंग, OTT प्लेटफॉर्म बिंज-वॉचिंग या लंबी यात्रा करने वालों में।

युवाओं में क्यों बढ़ रहा है DVT का खतरा?

पहले DVT को मुख्य रूप से बुजुर्गों या अस्पताल में भर्ती मरीजों की समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह युवा पेशेवरों में आम हो गई है। इसके कारणों में -

1. लंबे समय तक एक ही जगह बैठना (WFH, ऑफिस डेस्क जॉब, लंबी फ्लाइट या ट्रेन यात्रा) 

2. खराब हाइड्रेशन (पानी कम पीना) 

3. धूम्रपान 

4. मोटापा 

5. हार्मोनल गोलियां (कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स) 

6. आनुवंशिक कारक या परिवार में पहले से थक्के की समस्या

डॉक्टरों का कहना है कि हर अतिरिक्त घंटे बैठने से DVT का जोखिम करीब 10प्रतिशत बढ़ जाता है। अगर थक्का टूटकर फेफड़ों में पहुंच जाए तो यह पल्मोनरी एम्बोलिज्म बन सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि युवाओं में यह 'साइलेंट किलर' बन रहा है, क्योंकि शुरुआती लक्षण हल्के होते हैं और लोग इग्नोर कर देते हैं।

DVT के प्रमुख लक्षण 

1. एक पैर या हाथ में अचानक सूजन 

2. पैर में दर्द, ऐंठन या खिंचाव जैसा महसूस होना

3. प्रभावित जगह पर गर्माहट या लालिमा 

4. त्वचा का रंग बदलना (लाल, नीला या बैंगनी)

रोकथाम के आसान उपाय 

1. हर 1-2घंटे में उठकर 5-10मिनट टहलें या पैर हिलाएं 

2. लंबी बैठाई के दौरान पैरों की एक्सरसाइज करें (एंकल रोटेशन, पैर ऊपर-नीचे करना) 

3. खूब पानी पिएं, डिहाइड्रेशन से बचें 

4. धूम्रपान छोड़ें 

5. स्वस्थ वजन बनाए रखें और नियमित व्यायाम करें 

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