
Iran Targests American Airbase:अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध अब लंबा खींच चुका है। 22वें दिन भी हमले जारी है। अमेरिका-इजरायल एक तरफ से दनादन ईरान पर मिसाइल दाग रहा है। वहीं, ईऱान भी अमेरिकी एयरबेस को निशाना बना रहा है। आलम ये है कि खाड़ी देशों में तनाव के कारण भूचाल मचा हुआ है।
युद्ध का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ईरान 4000 किमी रेंज वाली मिसाइल का इस्तेमाल किया है। ईरान ने अपनी सीमा से हिंद महासागर में मिसाइल दागी है। यहां अमेरिका का सैन्य एयरबेस डिएगो गार्सिया में है।
सफल नहीं हुआ ईरान का हमला
एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की एक मिसाइल हवा में ही नष्ट हो गई है। जबकी दूसरी मिसाइल को अमेरिकी युद्धपोत ने एसएम-3 इंटरसेप्टर दागा। हालांकि, ये अभी साफ नहीं हो पाया है कि इंटरसेप्शन सफल रहा या नहीं। अमेरिका के लिए अच्छी बात ये रही कि ईरान के हमले में हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया का अमेरिका-ब्रिटेन के एयरबेस को क्षति नहीं हुई। इस मामले में वॉशिंगटन स्थित ब्रिटिश दूतावास और ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईरान ने दुनिया को चौंकाया
आपको बता दें कि ईरान के द्वारा 4000 किमी दूर अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाना दुनिया के लिए चौंकाने वाला है। क्योंकि डिएगो गार्सिया की ईरान से दूरी 4000 किलोमीटर है। इससे पता चलता है कि ईरान ने अपनी मिसाइल का रेंज, जो सार्वजनिक तौर पर बताया है, उससे कहीं अधिक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पिछले महीने कहा था कि अपनी मिसाइल रेंज को 2000 किमी तक सीमित कर दिया है। दरअसल, डिएगो गार्सिया एयरबेस अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम द्वारा संयुक्त रूप से संचालित एक प्रमुख रणनीतिक सुविधा है। अब ये देखने वाली बात होगी कि अमेरिका कैसे ईरान पर पलटवार करता है।
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