
Jagadguru Rambhadracharya: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 'भगवाधारी' बयान के बाद साधु-संतों और भाजपा ने उन्हें घेर लिया है। उत्तर प्रदेश के जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने खरगे पर हमला करते हुए कहा, "कहां लिखा है कि बदमाशों और गुंडों को राजनीति करनी चाहिए? भगवा रंग भगवान का है, और यही रंग शिवाजी महाराज ने पूरे देश को एकजुट करने के लिए इस्तेमाल किया था। इसलिए भगवाधारी को ही राजनीति करनी चाहिए, न कि सूट-बूट वालों को।"
भाजपा ने निर्वाचन आयोग से की शिकायत
कांग्रेस अध्यक्ष ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ पर भी बिना नाम लिए निशाना साधा। खरगे ने कहा, "कुछ नेता साधु के वेश में रहते हैं और अब राजनेता बन गए हैं। वे 'गेरुआ' कपड़े पहनते हैं और सिर पर बाल नहीं होते। अगर आप संन्यासी हैं तो राजनीति से बाहर हो जाएं। एक तरफ आप 'गेरुआ' पहनते हैं, दूसरी तरफ नफरत फैला रहे हैं।"
इस बयान को लेकर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और निर्वाचन आयोग से खरगे और राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत की। भाजपा का आरोप है कि दोनों नेताओं ने महाराष्ट्र में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया और 'झूठा चुनाव प्रचार' किया। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने 6नवंबर को मुंबई में यह दावा किया कि महाराष्ट्र से कई बड़े प्रोजेक्ट गुजरात ले जाए गए, जो कि गलत था।
खरगे के बयान को भाजपा ने बताया झूठा और आधारहीन
भाजपा ने आरोप लगाया कि खरगे ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा संविधान को समाप्त करना चाहते हैं और RSSकी सदस्यता को कुलपति नियुक्ति की योग्यता मानते हैं, न कि प्रतिभा। भाजपा ने इस दावे को भी बेबुनियाद और झूठा करार दिया।
इस विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, और अब निर्वाचन आयोग से उम्मीद की जा रही है कि वह इस पर जल्द कार्रवाई करेगा।
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