Nepal Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब बिहार में भी दिखने लगा है। बुधवार को नेपाल से बाढ़ का पानी गंडक नदी में पहुंचने के बाद बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। पानी का दबाव बढ़ने पर पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए। अधिकारियों के मुताबिक, रात 11 बजे तक बैराज से करीब 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका था। हालांकि, अब पानी का बहाव धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही
नेपाल में तिब्बत की ओर से आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस आपदा में 150 से ज्यादा लोगों की मौत की खबर है, जबकि 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। कई शहरों और गांवों में पानी घुस गया है। बड़ी संख्या में पुल बह गए हैं और करीब एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।
भूकंप के बाद आई बाढ़
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत क्षेत्र में भूकंप आया था। इसके करीब तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ की खबर सामने आई। माना जा रहा है कि भूकंप के झटकों से ग्लेशियर या बर्फीली झील टूटने की घटना हुई होगी, जिससे अचानक बाढ़ आई।
CM ने अधिकारियों के साथ की बैठक
बाढ़ की खबर मिलते ही बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने और लगातार स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक की।
इन जिलों में खास निगरानी
गंडक नदी में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा सीतामढ़ी और शिवहर जैसे संवेदनशील जिलों को भी सतर्क किया गया है। स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गंडक बैराज के सभी गेट खोले गए
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज पर अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम तैनात की गई है। गंडक नदी के बेसिन में आने वाले सभी जिलों को भी चेतावनी दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी गेट खोलने से पानी का बहाव नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
लोगों से नहीं घबराने की अपील
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है, लेकिन सभी टीमें बैराज, तटबंधों और कंट्रोल रूम में अलर्ट हैं। लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की गई है। गोपालगंज में NDRF की एक टीम भेजी जाएगी, जबकि दूसरी टीम को मुजफ्फरपुर में तैयार रखा गया है।
तटबंधों और नदियों पर लगातार नजर
प्रशासन को गंडक समेत दूसरी नदियों के जलस्तर, तटबंधों, निचले इलाकों और पुलों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को अलर्ट किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की कोई सूचना नहीं है, लेकिन नेपाल की स्थिति को देखते हुए बिहार में रातभर सतर्कता जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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