Social Media News: सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले 18 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों के लिए Meta बड़ा बदलाव करने जा रही है। एक प्रस्तावित समझौते के तहत Instagram और Facebook पर नाबालिग यूजर्स के लिए रोजाना डिफॉल्ट तौर पर सिर्फ 2 घंटे इस्तेमाल की सीमा तय की जाएगी। इसके अलावा रात के समय दोनों ऐप पूरी तरह बंद रहेंगे। यह बदलाव अमेरिका के कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल के साथ हुए समझौते का हिस्सा है।
माता-पिता की अनुमति जरूरी
नए नियमों के तहत 18 साल से कम उम्र के यूजर्स Facebook और Instagram को डिफॉल्ट रूप से दिन में अधिकतम दो घंटे इस्तेमाल कर सकेंगे। अगर कोई बच्चा इस सीमा को हटाना चाहता है, तो इसके लिए माता-पिता की अनुमति जरूरी होगी। यानी बच्चे खुद से इस लिमिट को बंद नहीं कर सकेंगे।
YouTube और TikTok ने अपनाया तो 1 घंटे की लिमिट
इस समझौते में सोशल मीडिया कंपनियों के बीच साझा नियमों पर भी जोर दिया गया है। अगर YouTube, TikTok और Snap भी इसी तरह की पाबंदियां लागू करते हैं, तो नाबालिगों के लिए Instagram और Facebook की डिफॉल्ट डेली लिमिट घटकर सिर्फ एक घंटे हो सकती है।
रात 12 से सुबह 6 बजे तक ऐप लॉक
दैनिक लिमिट के अलावा Meta नाबालिग यूजर्स के लिए रात में भी ऐप ब्लॉक करेगी। डिफॉल्ट तौर पर रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक Instagram और Facebook पूरी तरह लॉक रहेंगे। इस दौरान बच्चे ऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इस प्रतिबंध को भी सिर्फ माता-पिता की अनुमति से हटाया जा सकेगा। अगर दूसरी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियां भी इसी तरह के नियम अपनाती हैं, तो रात का ब्लॉक बढ़ाकर रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक किया जा सकता है।
रात और स्कूल टाइम में नोटिफिकेशन भी बंद
Meta नाबालिग यूजर्स के लिए रात के समय नोटिफिकेशन भी डिफॉल्ट रूप से बंद करेगी। इसके अलावा स्कूल के समय भी नोटिफिकेशन बंद रखने की व्यवस्था होगी। इसका मकसद बच्चों का सोशल मीडिया इस्तेमाल कम करना और पढ़ाई व नींद पर पड़ने वाले असर को घटाना है।
2023 में दर्ज हुआ था मुकदमा
यह प्रस्तावित समझौता 2023 में 51 अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल की ओर से दायर मुकदमे से जुड़ा है। आरोप था कि Meta ने Instagram और Facebook को बच्चों और किशोरों के लिए इस तरह डिजाइन किया कि वे इनका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करें। कंपनी पर सोशल मीडिया के जोखिमों को लेकर लोगों को गुमराह करने का भी आरोप लगाया गया था।
Meta पर 17 अरब डॉलर तक का भुगतान
समझौते को अभी अदालत की मंजूरी मिलनी बाकी है। इसके तहत Meta अगले 10 वर्षों में राज्यों को 17 अरब डॉलर तक का भुगतान कर सकती है। साथ ही कंपनी को उम्र की जांच के सिस्टम मजबूत करने, पैरेंटल कंट्रोल बढ़ाने और अपनी व्यवस्था की स्वतंत्र निगरानी कराने पर भी सहमति देनी होगी। Meta ने समझौते में किसी गलत काम को स्वीकार नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि ये बदलाव बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित खतरों से बचाने में मदद करेंगे। Meta ने संकेत दिया है कि नए नियमों को आने वाले कुछ महीनों में लागू किया जा सकता है।
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