Haryana News: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री ए.श्रीनिवास ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत प्राप्त शक्तियों तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 एवं अन्य प्रयोज्य प्रावधानों का प्रयोग करते हुए 14 मई, 2026 को देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के आदेश जारी किए थे।
ए. श्रीनिवास ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य एवं पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा कोई भी अयोग्य अथवा अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में दर्ज न हो। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक, जिसकी आयु अर्हता तिथि को 18 वर्ष या उससे अधिक हो तथा जो किसी कानून के तहत अयोग्य घोषित न हो, वह निर्वाचक नामावली में पंजीकृत होने का हकदार होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग के 14 मई, 2026 के आदेश के अनुसार हरियाणा में गणना चरण (Enumeration Phase) 15 जून, 2026 से प्रारंभ किया गया है। सभी पात्र मतदाताओं के गणना फार्म यदि 14 जुलाई, 2026 तक अथवा उससे पहले संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) को प्राप्त हो जाते हैं, तो उन्हें मतदाता सूची के प्रारंभ्भिक प्रकाशन (Draft Electoral Rolls) में शामिल किए जाएंगे।
ए. श्रीनिवास ने बताया कि जो मतदाता 14 जुलाई, 2026 तक अपना गणना फार्म जमा नहीं कर पाते है, वे दावे और आपत्तियों की आवधि 21 जुलाई, 2026 से 20 अगस्त, 2026 तक निर्धारित घोषणा पत्र (Declaration Form) के साथ फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि एसआईआर के गणना चरण के दौरान बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सभी मौजूदा मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध करा रहे हैं। निर्वाचक विधिवत भरे हुए फार्म को बीएलओ के माध्यम से अथवा ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ प्रत्येक घर का दौरा कर फार्म का वितरण, संग्रह तथा सत्यापन कर रहे हैं।मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि घर-घर जाकर की जाने वाली गणना के दौरान बीएलओ अपने साथ कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 तथा खाली घोषणा पत्र भी रख रहे हैं, ताकि जो कोई भी नए निर्वाचक के रूप में अपना नाम दर्ज करवाना चाहे तो उसे वे उपलब्ध करवाए जा सकें।
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ए. श्रीनिवास ने बताया कि राजनीतिक दलों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) को भी प्रक्रिया में सहयोग की अनुमति दी है। बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 गणना प्रपत्र एकत्र कर सकते हैं तथा प्रारम्भिक प्रकाशन से पहले संबंधित बीएलओ को सौंप सकते हैं। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल एसआईआर प्रक्रिया के सुचारू एवं प्रभावी संचालन में सहयोग के लिए बीएलओ की सहायता करने के लिए अतिरिक्त बीएलए भी नियुक्त कर सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि हरियाणा में वर्तमान में कुल 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार 929 पंजीकृत निर्वाचक हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के लिए 20 हजार 629 बीएलओ कार्यरत हैं। प्रदेश में बीएलए-1 की संख्या 397 तथा बीएलए-2 की संख्या 31 हजार 497 है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए में भारतीय जनता पार्टी के 17035, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 13759, कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया (मार्कसिस्ट) के 272, इंडियन नेशनल लोकदल के 217 तथा अन्य दलों के 214 शामिल हैं। ए. श्रीनिवास ने बताया कि अब तक हरियाणा में बीएलओ द्वारा 33.69 प्रतिशत गणना फार्म (Enumeration Forms) वितरित किए जा चुके हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने प्रदेश के सभी योग्य एवं पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें तथा जब बीएलओ उनके घर पहुंचें तो उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जा सके।