Thare Vaaste Re Dhola Song: 90 के दशक की शुरुआत में हिंदी सिनेमा का संगीत तेजी से बदल रहा था। लता मंगेशकर और आशा भोसले के दौर में अलका याग्निक, अनुराधा पौडवाल और कविता कृष्णमूर्ति जैसी नई आवाजें इंडस्ट्री पर राज कर रही थीं। कहा जाता है कि इन तीनों में जबरदस्त कॉम्पिटिशन था, लेकिन एक गाने ने तीनों को एक साथ लाकर इतिहास बना दिया।हम बात कर रहे हैं 1989 में आई फिल्म 'बटवारा' के सुपरहिट गाने 'थारे वास्ते रे ढोला' की।
तीन दिग्गज गायिकाओं का अनोखा संगम
फिल्म बटवारा का निर्देशन जे.पी. दत्ता ने किया था। इस फिल्म के गानों ने तो धूम मचाई ही, लेकिन 'थारे वास्ते रे ढोला' सबसे ज्यादा यादगार बन गया। इसकी सबसे बड़ी खासियत थी कि इसे अलका याग्निक, अनुराधा पौडवाल और कविता कृष्णमूर्ति, तीनों ने मिलकर गाया था।उस दौर की तीन सबसे बड़ी गायिकाओं का एक ही गाने में आना किसी चमत्कार से कम नहीं था। गाने के बोल हसन कमाल ने लिखे थे और संगीत दिया था लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की हिट जोड़ी ने।
स्क्रीन पर तीन हसीनाओं का राजस्थानी अंदाज
इस गाने को पर्दे पर और भी खास बनाया तीन खूबसूरत हीरोइनों ने। डिंपल कपाड़िया, अमृता सिंह और पूनम ढिल्लन पर फिल्माए गए इस गाने में राजस्थान की पूरी संस्कृति झलकती है।रेगिस्तान, रंग-बिरंगे पारंपरिक राजस्थानी कपड़े और लोक संगीत से मिलती-जुलती धुन ने इस गाने को एक अलग ही रंग दे दिया। फिल्म में धर्मेंद्र और विनोद खन्ना लीड रोल में थे।
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37 साल बाद फिर वायरल हो रहा है गाना
आज इंस्टाग्राम रील्स और सोशल मीडिया पर पुराने गानों का दौर फिर लौट आया है। इसी बीच 'थारे वास्ते रे ढोला' भी फिर से ट्रेंड में आ गया है। हाल ही में अनुराधा पौडवाल ने अलका याग्निक के साथ अपने प्रोफेशनल कॉम्पिटिशन पर बयान दिया था, जिसके बाद इस गाने की चर्चा और तेज हो गई है।37 साल बाद भी अलका, अनुराधा और कविता की आवाज का जादू और राजस्थान की मिट्टी में रंगा ये गाना लोगों के दिलों में वैसा ही बसा हुआ है।