UPPSC Protest: ‘छात्रों की समस्याओं पर जल्द निर्णय लें’, डिप्टी सीएम का अधिकारियों को निर्देश

UPPSC Protest: ‘छात्रों की समस्याओं पर जल्द निर्णय लें’, डिप्टी सीएम का अधिकारियों को निर्देश

UPPSC Protest: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) 'प्री' और समीक्षा अधिकारी (RO), सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) की परीक्षा दो दिन आयोजित करने के फैसले के खिलाफ सोमवार को छात्रों ने यूपी लोक सेवा आयोग के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि आयोग का यह निर्णय उनकी तैयारी और भविष्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मौर्य ने लिखा, "UPPSCपरीक्षा के एक से अधिक दिन आयोजित करने और मानकीकरण प्रक्रिया को लेकर छात्रों की चिंताएं जायज़ हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षाएं पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हों ताकि उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके।"

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने भर्ती माफियाओं के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत 7लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। मौर्य ने अधिकारियों से अपील की कि वे छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनें ताकि उनका समय आंदोलन में न बर्बाद हो और वे अपनी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

परीक्षा की तारीखों में बदलाव से छात्रों में नाराजगी

छात्रों का विरोध मुख्य रूप से UPPSCद्वारा परीक्षा की तारीखों में बार-बार बदलाव और दो शिफ्टों में परीक्षा आयोजित करने की योजना से जुड़ा है। इस साल जनवरी में उत्तर प्रदेश सिविल सेवा परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी हुआ था, लेकिन इसे मार्च से अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया। इसके बाद, समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की परीक्षा 11फरवरी को आयोजित करने की योजना थी, लेकिन पेपर लीक होने के कारण इसे रद्द कर दिया गया। अब, इन परीक्षाओं को दिसंबर में आयोजित करने की घोषणा की गई है, जिससे छात्रों में आक्रोश है।

मौर्य ने यह भी कहा कि न्यायालय में लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए ताकि किसी छात्र का भविष्य अंधकार में न रहे। छात्रों ने आंदोलन के माध्यम से अपनी परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता की मांग की है।

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