Diwali Celebration:दिवाली सिर्फ भारत का त्योहार नहीं, बल्कि अब यह दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बना चुका है। रोशनी, खुशियों और आपसी भाईचारे का यह पर्व भारत की सीमाओं से निकलकर कई देशों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। अमेरिका के व्हाइट हाउस में दिवाली का जश्न हो या ऑस्ट्रेलिया में आतिशबाजी और रंगारंग कार्यक्रम, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इस त्योहार की चमक देखने को मिलती है।
भारत के अलावा नेपाल, श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापुर, मॉरीशस, फिजी, गुयाना, त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देशों में भी दिवाली का विशेष महत्व है। इन देशों में भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ स्थानीय समुदाय भी इस पर्व में हिस्सा लेते हैं। यही वजह है कि दिवाली को अब वैश्विक त्योहार के रूप में भी देखा जाने लगा है।
व्हाइट हाउस में भी मनाई जाती है दिवाली
अमेरिका में दिवाली का उत्सव भारतीय समुदाय के लिए खास महत्व रखता है। व्हाइट हाउस में भी कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों के कार्यकाल के दौरान दिवाली समारोह आयोजित किए गए हैं। इस दौरान दीप जलाए जाते हैं और भारतीय संस्कृति, परंपराओं तथा त्योहार की महत्ता को सम्मान दिया जाता है। अमेरिकी शहरों में भी मंदिरों, सामुदायिक केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर दिवाली के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
ऑस्ट्रेलिया में आतिशबाजी और सांस्कृतिक कार्यक्रम
ऑस्ट्रेलिया में दिवाली का उत्सव बड़े स्तर पर आयोजित किया जाता है। सिडनी और मेलबर्न जैसे शहरों में रोशनी, आतिशबाजी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संगीत और भारतीय व्यंजनों के साथ जश्न मनाया जाता है। दिवाली मेलों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। भारतीय समुदाय के अलावा दूसरे देशों के लोग भी इन आयोजनों का हिस्सा बनते हैं।
कई देशों में दिवाली पर सार्वजनिक अवकाश
दिवाली का महत्व इतना बढ़ चुका है कि कुछ देशों में इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश भी दिया जाता है। नेपाल में तिहार के दौरान कई दिनों तक उत्सव मनाया जाता है। मलेशिया, मॉरीशस, फिजी, गुयाना, त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देशों में भी दिवाली पर सार्वजनिक छुट्टी का प्रावधान है। सिंगापुर में भी दिवाली राष्ट्रीय सार्वजनिक अवकाश है।
दुनिया को रोशनी और भाईचारे का संदेश देती है दिवाली
दिवाली का संदेश अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़ा है। अलग-अलग देशों में इसे मनाने के तरीके भले ही अलग हों, लेकिन इसके मूल भाव में खुशियां, परिवार, एकता और सकारात्मकता शामिल हैं। भारतीय प्रवासियों ने अपनी संस्कृति और परंपराओं के जरिए इस पर्व को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। आज दिवाली केवल भारतीय समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में अलग-अलग संस्कृतियों के लोग भी इस त्योहार के रंग में रंगते नजर आते हैं।
किन देशों में मिलती है दिवाली की छुट्टी?
भारत के अलावा सिंगापुर, मलेशिया, मॉरीशस, फिजी, गुयाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, सूरीनाम और नेपाल जैसे देशों में दिवाली या इससे जुड़े पर्व पर सार्वजनिक अवकाश दिया जाता है। हालांकि, हर देश में छुट्टी के नियम और त्योहार मनाने की परंपराएं अलग-अलग हैं।
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