Delhi News:सर्दियों से पहले दिल्ली में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने शहरव्यापी ‘साथ निभाएं, प्रदूषण घटाएं’ सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) अभियान शुरू किया है। सितंबर 2026 से मार्च 2027 तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य प्रदूषण के खिलाफ सरकारी कार्रवाई के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी बढ़ाना है।
सरकार के मुताबिक, अभियान में दिल्ली के नागरिकों के साथ **उद्योगों, सरकारी और निजी संस्थानों, स्कूल-कॉलेजों, RWA, बाजारों, निर्माण क्षेत्र, बल्क वेस्ट जनरेटर, किसानों और वाहन मालिकों** को भी जोड़ा जाएगा। सरकार का फोकस केवल जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के व्यवहार में बदलाव लाकर उसे जमीनी स्तर पर कार्रवाई में बदलने पर होगा।
‘सिर्फ सरकार के प्रयास से नहीं जीती जा सकती प्रदूषण की लड़ाई’
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार के प्रयासों से नहीं जीती जा सकती। इसमें हर नागरिक, संस्थान और हितधारक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए हर स्तर पर प्रवर्तन मजबूत कर रही है, लेकिन स्वच्छ हवा सुनिश्चित करने के लिए जनभागीदारी भी जरूरी है।
स्कूलों और कॉलेजों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम
अभियान के तहत स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं, सामुदायिक गतिविधियां, कैपेसिटी बिल्डिंग सत्र और अन्य जमीनी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को प्रदूषण नियंत्रण मानकों के पालन के लिए जागरूक किया जाएगा। जनजागरूकता के लिए अखबारों में विज्ञापन, होर्डिंग्स, पोस्टर, रेडियो जिंगल्स, नुक्कड़ नाटक और पुस्तिकाओं जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य प्रदूषण से जुड़ी जानकारी को आम लोगों के लिए आसान और व्यवहारिक बनाना है।
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उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण तकनीकों की जानकारी
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) की ओर से औद्योगिक क्षेत्रों में जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इनमें औद्योगिक संगठनों और इकाइयों को OCEMS, APCDs, DG सेट और निर्धारित प्रदूषण नियंत्रण मानकों की जानकारी दी जा रही है। मंत्री सिरसा ने कहा कि उद्योगों के साथ सरकार का संवाद केवल कार्रवाई और एनफोर्समेंट तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य जागरूकता, नियमों के अनुपालन और साझेदारी को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरणीय जिम्मेदारी साथ-साथ चलनी चाहिए और स्वच्छ हवा की दिशा में उद्योग, संस्थान तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठान महत्वपूर्ण भागीदार हैं।