
Ayushman Bharat Scheme: दिल्ली सरकार ने आयुष्मान भारत– प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) में बड़ा बदलाव करते हुए अब विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों को भी इस योजना में शामिल कर लिया है। इस कदम से राजधानी में कैशलेस स्वास्थ्य सेवा के लिए पात्र परिवारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का अस्पताल बीमा उपलब्ध कराया जाता है। यह सरकारी पहल विशेष रूप से कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य खर्चों को कम करने के लिए है।
सीएम ने लिया ये फैसला
नई घोषणा के अनुसार, दिल्ली में लगभग 3.97 लाख विधवाओं और 1.31 लाख दिव्यांग व्यक्तियों और उनके परिवारों को अब PMJAY में शामिल किया गया है। इससे पहले दिल्ली में लगभग 5.5 लाख परिवार इस योजना का लाभ उठा रहे थे और नए बदलाव के बाद यह संख्या और बढ़ जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कैबिनेट बैठक के दौरान इस निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि अब विधवाओं और दिव्यांग व्यक्तियों के आश्रित भी इस योजना के तहत स्वास्थ्य सुरक्षा के लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह कदम सरकार की समावेशी नीतियों का हिस्सा है, जो सभी वर्गों तक स्वास्थ्य सुरक्षा पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
क्या है योजना का उद्देश्य?
आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत भारत सरकार ने 23 सितंबर 2018 को की थी। यह विश्व की सबसे बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य योजना मानी जाती है। योजना का उद्देश्य विशेष रूप से सीमित वित्तीय संसाधनों वाले परिवारों को देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस स्वास्थ्य सहायता प्रदान करना है।
मिलेंगी ये सुविधाएं
PMJAY के तहत परिवारों को चिकित्सा जांच, परामर्श, अस्पताल में भर्ती, दवाइयां, जांच, उपचार प्रक्रियाएं, आवास और भोजन समेत उपचार के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताओं का खर्च भी कवर किया जाता है। इस व्यापक कवरेज से लाभार्थियों को वित्तीय सुरक्षा मिलती है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मिलती है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद मिलती है। इस विस्तार से दिल्ली के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार होगा और उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।
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