CCTV Spying India: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मॉड्यूल ने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत उत्तर भारत के संवेदनशील इलाकों में सोलर पावर्ड चाइनीज CCTV कैमरे लगाए। जिसके चलिए भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की हलचल की लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजी जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 9 ऐसे कैमरे बरामद किए हैं, जो चाइनीज सॉफ्टवेयर ‘ईसीक्लाउड’ (EseeCloud) से जुड़े थे।
इन जगहों पर लगाए कैमरे
पुलिस के अनुसार, ये कैमरे सिम कार्ड और सोलर एनर्जी से चलते थे और लोकल रिकॉर्डिंग की बजाय सीधे लाइव फीड चाइनीज क्लाउड सर्वर पर भेजते थे। वहां से डेटा पाकिस्तान के हैंडलर्स तक पहुंचाया जा रहा था। यह नेटवर्क पिछले तीन महीनों से सक्रिय था। पुलिस ने बताया कि कैमरे पंजाब के कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला और मोगा, हरियाणा के अंबाला, जम्मू-कश्मीर के कठुआ तथा राजस्थान के बीकानेर और अलवर जैसे इलाकों में लगाए गए थे। दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन के आसपास भी ऐसे कैमरे मिले, जिनसे आर्मी मूवमेंट, ट्रेन रूट और हथियारों की जानकारी पाकिस्तान पहुंच रही थी
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दिल्ली की स्पेशल सेल ने क्या बताया?
स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रदीप सिंह कुशवाहा ने बताया कि आरोपियों ने ISI के निर्देश पर इन कैमरों को लगाया। ये लोग हिंदू नामों का इस्तेमाल कर छिपे हुए थे और बाबर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे प्रतिबंधित संगठन से भी जुड़े थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पंजाब और दिल्ली के निवासी शामिल हैं। उनसे पिस्तौल, कारतूस और अन्य सबूत भी बरामद हुए हैं।
जांच में सामने आया कि ‘EseeCloud’ नामक यह चाइनीज प्लेटफॉर्म ग्वांगझू जुआन इंटेलिजेंट टेक कंपनी का है। कैमरे इससे जुड़कर चीन के डेटा सेंटर्स में फुटेज भेजते थे, जहां से ISI हैंडलर्स इसे एक्सेस करते थे। यह तरीका इतना गुप्त था कि कैमरे आसानी से नजर नहीं आते थे और बिना बिजली कनेक्शन के 24 घंटे काम करते थे।