
नई दिल्ली: दिवाली की रात जबरदस्त आतिशबाजी होने के बाद हवा की गुणवर्ता में काफी गिरावट दर्ज की गई है। आनन्द विहार इलाके में सुबह के करीब 5:30 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई)700 पार दर्ज किया गया। इसके साथ ही कई इलाकों में दिवाली के बाद स्मॉग की परत देखने को मिली। वहीं, सड़कों पर सड़कों पर जगह-जगह पटाखों के अवशेष भी दिखाई दे रहे हैं।
दिवाली से पहले दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में है, जहां कई क्षेत्रों में AQI 400 के आसपास दर्ज किया गया है। आतिशबाजी के बाद पीएम 2.5 और पीएम 10 के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे हवा की। प्रदूषण के हालात पर काबू पाने के लिए दिल्ली सरकार ने पटाखों पर प्रतिबंध लगाया था और इसका पालन कराने के लिए एक टीम का गठन भी किया था। इसको लेकर जागरूकता अभियान चलाया था, लेकिन इसका कोई असर देखने को नहीं मिला। दिल्ली के पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में इसका बड़े पैमाने पर उल्लंघन किया गया।
प्रदूषण के कारण
आतिशबाजी के अलावा, दिल्ली में प्रदूषण के अन्य कारणों में वाहनों का धुआं, उद्योग, पराली जलाना, और ठंड के मौसम में हवा की गति कम होना शामिल है। दिवाली के दौरान पटाखों की वजह से हवा में कणों की सांद्रता में तेजी से वृद्धि होती है, जिससे शॉर्ट टर्म में AQI में तेजी से वृद्धि होती है।
स्वास्थ्य चिंताएं
इन जहरीली हवाओं में सांस लेने से स्वास्थ्य पर गहरा असर होता है। हवा की गुणवत्ता में सांस लेने से सांस संबंधी बीमारियों, आंखों में जलन, और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में वृद्धि हो सकती है।
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