Sonia Gandhi Memoir: कांग्रेस ने शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की संस्मरण पुस्तक Belonging: A Journey of Love के भारत में प्रकाशन को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि प्रकाशक ने दबाव में आकर किताब के कुछ हिस्सों में बदलाव करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इन हिस्सों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस और चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर कथित कब्जे से जुड़े मुद्दों का जिक्र है।
अशोक गहलोत ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने किताब से उन हिस्सों को हटाने की मांग की है, जो प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस की आलोचना करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल उठाया कि अगर पेंगुइन की वैश्विक शाखा सोनिया गांधी की किताब को मूल रूप में पूरी दुनिया में प्रकाशित करने के लिए तैयार है, तो भारत में इसके लिए बदलाव क्यों मांगे जा रहे हैं।
गहलोत ने कहा कि आखिर ऐसा क्या कारण या दबाव है, जिसकी वजह से किताब का वह संस्करण भारत में प्रकाशित नहीं किया जा सकता, जो दुनिया के दूसरे देशों में प्रकाशित होगा। उन्होंने सोनिया गांधी की सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और गरिमा की भी तारीफ की।
‘अभिव्यक्ति की आजादी की हत्या’
अशोक गहलोत ने आरोप लगाया कि किताब को दबाव में रोकना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा यह है कि पेंगुइन इंडिया पर मोदी, आरएसएस और मोदी सरकार के दौरान चीन द्वारा भारतीय क्षेत्र पर कथित कब्जे से जुड़े हिस्सों को हटाने का दबाव बनाया गया।
कमलनाथ ने भी उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस पूरे मामले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जैसी वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती की किताब में क्या लिखा जाए और क्या नहीं, यह फैसला प्रकाशक को करना चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पेंगुइन ने यह फैसला स्वतंत्र रूप से लिया है या किसी दबाव में आकर ऐसा किया गया है।
गौरव गोगोई बोले- संपादकीय स्वतंत्रता से समझौता
कांग्रेस के लोकसभा उपनेता गौरव गोगोई ने पेंगुइन इंडिया के बयान को कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि प्रकाशक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब Exam Warriors और आरएसएस पर आधारित कई किताबें प्रकाशित करने को तैयार रहा है। गोगोई ने आरोप लगाया कि शायद अब बीजेपी सरकार से जुड़े कुछ लोगों को डर है कि सोनिया गांधी की किताब भारत के लोगों तक पहुंचेगी।
पेंगुइन ने क्या कहा?
विवाद के बीच पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा कि किताबों के प्रकाशन से पहले तथ्य-जांच और संपादकीय सुझाव देना उसकी सामान्य प्रकाशन प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने इस सफाई को स्वीकार नहीं किया और आरोप लगाया कि इस मामले में प्रकाशक की संपादकीय स्वतंत्रता प्रभावित हुई है। अब इस विवाद के बीच सोनिया गांधी की किताब के भारत में प्रकाशन और इसके अंतिम स्वरूप को लेकर स्थिति पर सबकी नजर है।
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