CM Suvendu On Chinmay Das:बांग्लादेश की जेल में बंद संत चिन्मय दास के आंसुओं को जिस किसी ने देखा, हर किसी की आंखें नम हो गई। उस पल को देखकर पूरी दुनिया भावुक हो गई, जब चिन्मय दास अपनी मृत मां के अंतिम दर्शन करने के दौरान फूट-फूट कर रो पड़े। जिस किसी इस दृश्य को देखा, उसका दिल पसीज उठा।
अब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने चिन्मय दास की उस दशा को देखकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पांच घंटे की पेरोल मिलने के बाद अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होते हुए चिन्मय दास की तस्वीर ने दुनियाभर के सनातनियों को झकझोंर दिया है।
सीएम शुभेंदु ने उठाया चिन्मय दास का मुद्दा
सीएम शुभेंदु ने कहा कि अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी और स्वामी प्रणवानंद के संघर्स के कारण हमें भारत में विलय नहीं किया गया होता, तो शायद हमारी हालात भी चिन्मय दास की तरह होती। उन्होंने कहा कि मूल रूप से उनका परिवार उस इलाके का था, जो अब बांग्लादेश में है। उन्होंने कहा कि बंटवारे के समय उन्हें भागना पड़ा था, क्योंकि उनका परिवार हिन्दू था। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन में भी दुख है।
सीएम शुभेंदु ने पहले भी बांग्लादेश के हिन्दुओं को मुद्दा उठाया है। पिछले साल मैमनसिंह में दीपू दास की हत्या के बाद उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था। तब वह विपक्ष के नेता के तौर पर जोरदार विरोध किया था।
जेल में बंद हैं चिन्मय दास
चिन्मय दास 2024 से बांग्लादेश की जेल में बंद हैं। उन पर बांग्लादेश में कथित अपराध का मामला चल रहा है। हाल ही में उन्हें अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पेरोल दी गई थी। उनकी मां का पिछले हफ्ते निधन हो गया था।
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