गंगा में नाले का गंदा पानी मिलने से छठ व्रतियों की आस्था पर संकट, सरकार की नाकामी पर जनता में आक्रोश

गंगा में नाले का गंदा पानी मिलने से छठ व्रतियों की आस्था पर संकट, सरकार की नाकामी पर जनता में आक्रोश

पटना: लोक आस्था का महापर्व छठ नजदीक है, और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद गंगा घाटों का दौरा कर छठ व्रती महिलाओं को हर संभव सुविधा देने का भरोसा जता रहे हैं। लेकिन पटना के गंगा घाटों पर नाले का केमिकल युक्त गंदा पानी मिलने से स्थानीय लोगों और छठ व्रतियों में गहरी चिंता और आक्रोश का माहौल है।

सरकार द्वारा सफाई और तैयारी के दावों के बावजूद, नाले के पानी के कारण गंगा में सफेद झाग और प्रदूषण फैल रहा है, जिससे व्रती महिलाओं के सामने पूजा-अर्चना की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। स्थानीय लोगों ने इस पर नारेबाजी कर नाले के पानी पर रोक लगाने की मांग की है ताकि पर्व में कोई बाधा न हो।

पटना में गंगा नदी के किनारे छठ पर्व को लेकर जोरों पर तैयारियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी खुद घाटों का दौरा कर हर व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। लेकिन इस बीच, पटना सिटी के मित्तन घाट और दमराही घाट पर गंगा नदी में पटना के नालों का केमिकल युक्त गंदा पानी मिलने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

गंदे पानी के कारण गंगा का पानी प्रदूषित हो रहा है

नाले के इस गंदे पानी के कारण गंगा का पानी प्रदूषित हो रहा है और उसमें सफेद झाग दिख रहे हैं, जिससे छठ व्रती महिलाएं चिंतित हैं कि इसी पानी से पूजा कैसे करेंगी। छठ पर्व के दौरान महिलाएं इसी गंगा जल का उपयोग प्रसाद बनाने और सूर्य भगवान को अर्घ्य देने के लिए करती हैं, लेकिन अब नाले के पानी की मिलावट के कारण वे असमंजस में हैं।

छठ पर्व की तैयारियों पर बड़ा सवाल

स्थानीय लोगों ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि जल्द से जल्द नाले के पानी को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। वहीं, नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा को स्वच्छ बनाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना अभी भी अधूरा नजर आ रहा है, जो कि छठ पर्व की तैयारियों पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

 

Leave a comment