Bihar News: बिहार में बाढ़ 2026 की स्थिति और उससे हुई क्षति को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित लोक सेवक आवास के ‘संकल्प’ सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सांसद नितिन नवीन भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ से हुई क्षति की विस्तृत रिपोर्ट जल्द तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और जरूरी विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
दो चरणों में आई बाढ़ से बिगड़े हालात
समीक्षा बैठक के दौरान जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने प्रस्तुतीकरण के जरिए बिहार में दो चरणों में आई बाढ़ के कारणों और मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बाढ़ के पहले चरण में गंगा, सोन, घाघरा, कोसी और पुनपुन नदियों में पूर्व के उच्चतम जलस्तर की तुलना में नया उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया।
वहीं, दूसरे चरण में अत्यधिक बारिश के कारण गंडक नदी में चार स्थानों पर उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया। पश्चिम चंपारण, गोपालगंज और सारण जिलों में छह स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त हुए। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बैठक में बाढ़ के दौरान किए गए राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी।
गाद जमा होने को बताया बाढ़ की प्रमुख वजह
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस वर्ष गंगा, गंडक और सोन नदियों में पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक पानी आने के कारण बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि नदियों के तल में गाद यानी सिल्ट जमा होना भी बाढ़ की प्रमुख वजहों में से एक है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार देश का पहला राज्य है जिसने गाद नीति बनाई है। उन्होंने अधिकारियों को नदियों की वर्तमान स्थिति और बाढ़ से हुई क्षति की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया।
12 अक्टूबर को प्रभावित परिवारों को मिलेगी राहत राशि
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बाढ़ से हुई क्षति की प्रथम दृष्टया विस्तृत रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित इलाकों में राहत एवं पुनर्वास के साथ आवश्यक विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरे चरण की बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच 12 अक्टूबर 2026 को अनुग्रहिक राहत राशि वितरित की जाएगी। साथ ही आपदा प्रबंधन विभाग को सभी संबंधित विभागों से बाढ़ से हुई क्षति और पुनर्स्थापन में होने वाले खर्च का आकलन कर शीघ्र रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
जलनिकासी के बाद की स्थिति पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी निकलने के बाद उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं को लेकर भी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।