Bihar News: बिहार में उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार, 4 नवंबर को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' सभागार में बिहार फाउंडेशन की नई वेबसाइट और बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 पोर्टल का शुभारंभ किया। इस दौरान 'बिहार है तैयार' कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई। सरकार का लक्ष्य देश-विदेश में रहने वाले बिहार मूल के लोगों को राज्य के विकास और निवेश से जोड़ना है।
कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बिहार फाउंडेशन के सभी 55 चैप्टरों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें अमेरिका, थाईलैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया, रूस, जर्मनी, घाना, युगांडा सहित भारत के विभिन्न शहरों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बातचीत के दौरान प्रतिनिधियों ने बिहार में हो रहे बदलावों की सराहना की और राज्य में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने में सहयोग का भरोसा दिया।
बिहार में 20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में उद्योगों की स्थापना के लिए अगले कुछ महीनों में करीब 20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की योजना पर काम चल रहा है। राज्य में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और इन्हें लेकर एमओयू की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों के विस्तार के लिए नई औद्योगिक नीति लाई गई है। इसके साथ ही टाउनशिप विकसित करने, इको टूरिज्म को बढ़ावा देने और विभिन्न परियोजनाओं को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आगे बढ़ाने की दिशा में काम हो रहा है। सरकार का प्रयास है कि इन योजनाओं से निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी तैयार हों।
प्रवासी बिहारियों को बताया राज्य का ब्रांड एंबेसडर
मुख्यमंत्री ने देश-विदेश में रह रहे बिहार मूल के लोगों को राज्य का ब्रांड एंबेसडर बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की कर्मभूमि भले ही अलग-अलग देशों और राज्यों में हो, लेकिन अपनी जन्मभूमि को संवारने की जिम्मेदारी सभी की है।
सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 से जुड़ें और अपने संपर्कों के जरिए दूसरे देशों के उद्योगपतियों तथा निवेशकों को भी बिहार में निवेश के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि बिहार की पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने और राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी बिहारियों की भूमिका अहम हो सकती है।
बिहार फाउंडेशन के तीन प्रमुख स्तंभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य देश और विदेश में रहने वाले बिहार मूल के लोगों को अपनी मातृभूमि से जोड़ना है। उनके अनुभव, ज्ञान, कौशल और संसाधनों का इस्तेमाल राज्य के विकास में करना भी इसकी प्राथमिकता है।