Advisory For Amarnath Yatra: इस साल की अमरनाथ यात्रा में शामिल होने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या ने चार दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बिना रजिस्ट्रेशन वाले तीर्ययात्रियों की भारी भीड़ और ग्लोबल वार्मिंग के बीच 'बाबा बर्फानी' गायब हो गए हैं।
हालांकि, प्राकृतिक शिवलिंग गायब होने बाद भी लोगों की भीड़ कम नहीं हो रही है। भले ही प्राकृतिक बर्फ का शिवलिंग अब नहीं रहा फिर भी हजारों श्रद्धालुओं की आस्था बनी हुई है। यह इस बात का सबूत है कि भगवान शिव के प्रति लोगों की आस्था पहले की तरह अटूट है।
यात्रियों के लिए नई एडवाइजरी जारी
भीड़ को देखते हुए अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने एक एडवाइजरी जारी है। उपराज्यपाल ने बिना पंजिकरण वाले तीर्थयात्रियों से अपनी बारी का इंतजार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसा, चंदनवाड़ी और बालटाल दोनों जगहों से जाने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या तय है। उन्होंने सभी से नियमों का पालन करने का आग्रह किया है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि तीर्थयात्रियों से अनुरोध है कि वह अपनी बारी का इंतजार करें तो यात्रा ज्यादा सुचारू रूप से हो सकेगी।
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हाई अलर्ट पर अधिकारी
पिछले साल अधिकारियों ने शुरुआती चार दिनों में 55000 हजार तीर्थयात्रियों का आना दर्ज किया था। जबकि इस साल यह संख्या 86000 तक पहुंच गई है। तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी ने अधिकारियों और अमरनाथ श्राइन बोर्ड के लिए लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चुनौतियां खड़ी दी हैं। यात्रा शुरू होने के बाद से ही भारी भीड़ के कारण अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। बड़ी संख्या में लोग बिना पहले से रजिस्ट्रेशन कराए भी पहुंच रहे हैं।