धीरेंद्र शास्त्री का अखिलेश यादव के बयानों पर तीखा पलटवार, बोलें-भगवान करे उनकी रोटी पचती रहे...

धीरेंद्र शास्त्री का अखिलेश यादव के बयानों पर तीखा पलटवार, बोलें-भगवान करे उनकी रोटी पचती रहे...

Dhirendra Krishna Shastri on Akhilesh Yadav:  बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक माह की विदेश यात्रा के बाद मध्य प्रदेश के छतरपुर लौट आए हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा में एक कथावाचक के साथ हुई मारपीट की घटना पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। , स्थानीय मीडिया से बातचीत के दौरान  उन्होंने इस घटना को अत्यंत निंदनीय बताया और जातिवाद, क्षेत्रवाद व भाषावाद के नाम पर की जा रही राजनीति की आलोचना की। बिना नाम लिए उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें कथावाचकों पर धन लेने का आरोप लगाया गया था। शास्त्री ने कहा, "हमने सहनशीलता से जीवन जिया है। हम सनातन और हिंदुओं के लिए जिएंगे और मरेंगे। टिप्पणी करने वालों की रोटी पच रही है, भगवान उन्हें और शक्ति दे।

"मैंने कभी बातों से नहीं, बल्कि सहनशक्ति से"- धीरेंद्र शास्त्री

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने जीवन दर्शन के बारे में बात की। जिसमें उन्होंने कहा, कि "मैंने कभी बातों से नहीं, बल्कि सहनशक्ति से जीत हासिल की।" उनका यह बयान उनके दृढ़ संकल्प और सनातन धर्म के प्रति समर्पण को दर्शाता है। अखिलेश यादव ने इटावा मामले में कथावाचकों पर पैसे लेने का आरोप लगाया था, जिसका जवाब देते हुए शास्त्री ने अपनी सनातन निष्ठा को और मजबूत किया।

कैंसर अस्पताल के लिए अपील

धीरेंद्र शास्त्री ने अपने आने वाले जन्मदिन को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस दिन जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा, लेकिन वे चाहते हैं कि लोग उपहार के रूप में बुंदेलखंड में बनने वाले कैंसर अस्पताल के लिए एक-एक ईंट दान करें। उन्होंने कहा, "यह अस्पताल बुंदेलखंड के कल्याण का आधार बनेगा।" उनकी यह अपील क्षेत्र के विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

फिजी में बागेश्वर मठ का निर्माण

विदेश यात्रा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए शास्त्री ने बताया कि यह यात्रा विश्व भर के 140 करोड़ हिंदुओं को एकजुट करने के लिए थी। फिजी में भारतीय मूल के लोगों के बीच कथा का आयोजन हुआ, जिसमें फिजी सरकार के प्रधानमंत्री भी शामिल हुए। फिजी सरकार ने बागेश्वर मठ के लिए जमीन प्रदान की है, और जल्द ही वहां मठ का निर्माण शुरू होगा। यह कदम विश्व भर में सनातन धर्म को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

Leave a comment