UP News: यूपी के सहारनपुर में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में स्थित एक अवैध मस्जिद को शनिवार तड़के ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान मौके पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। बता दें कि जिला न्यायाधीश की अदालत ने मस्जिद को हटाने के अपने पूर्व आदेश को बरकरार रखा था। जिसके बाद पहले इसे बंद किया गया। इसके बाद इसे तोड़ दिया गया।
जानकारी के मुताबिक,जैसे ही बुलडोजरों ने विध्वंस कार्य शुरू किया, एसडीएम और नगर मजिस्ट्रेट सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) कर्मियों सहित भारी पुलिस बल तैनात कर कलेक्ट्रेट परिसर को सुरक्षित कर लिया गया है और एहतियात के तौर पर परिसर के सभी द्वार बंद कर दिए गए हैं। बता दें कि यह विध्वंस नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज होने के बाद किया जा रहा है। 4 सितंबर को जिला न्यायाधीश की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों की जांच करने के बाद अपील खारिज कर दी और पूर्व आदेश को बरकरार रखा।
17 जुलाई को ध्वस्त करने का दिया था आदेश
नगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने 17 जुलाई को मस्जिद को अवैध घोषित कर उसे ध्वस्त करने का आदेश दिया था। अदालत ने सरकारी ज़मीन पर कथित अवैध अतिक्रमण और दुरुपयोग के संबंध में कब्जेदारो पर लगभग 6.41 करोड़ रुपये का मुआवजा भी लगाया है।
यह मामला बजरंग दल के पूर्व प्रांतीय समन्वयक विकास त्यागी की शिकायत से शुरू हुआ, जिन्होंने आरोप लगाया था कि डीएम कार्यालय परिसर के अंदर अवैध रूप से मस्जिद का निर्माण किया गया था, जो गोपनीय प्रशासनिक कार्यों के लिए एक संवेदनशील सरकारी परिसर है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि परिसर का उपयोग धार्मिक उद्देश्यों के अलावा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी किया जा रहा था। यह दावा किया गया था कि परिसर में एक डाकघर चल रहा था और कुछ कमरे बाहरी लोगों को किराए पर दिए गए थे, जिनका किराया मस्जिद समिति कथित तौर पर मासिक रूप से वसूल रही थी।
प्रशासन ने कहा था कि परिसर पर कथित अतिक्रमण और उसके उपयोग से सरकारी कार्यों की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंताएं पैदा होती हैं। जिला न्यायाधीश के फैसले के बाद, अधिकारियों ने शनिवार को विध्वंस प्रक्रिया शुरू कर दी। बुलडोजर तैनात किए गए और प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की देखरेख में ढांचे को हटाया जा रहा है।