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45 डिग्री टेंपरेचर में भी एसी को तौबा! आखिर क्यों यूरोप के लोग एयर कंडिशनर से बना रहे दूरी

45 डिग्री टेंपरेचर में भी एसी को तौबा! आखिर क्यों यूरोप के लोग एयर कंडिशनर से बना रहे दूरी

Temperature Rises In Europe: पूरा यूरोप इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में है। गर्मी इस कदर बढ़ी हुई है कि सड़कें पिघल रही है। गाड़ियों से पानी की बौछार की जा रही है। लोग घर से निकलने बच रहे हैं। बिजली की समस्या भी देखने को मिल रही है।

यूरोप के कई देशों तापमान 40 डिग्री को पार कर गया है।दूसरी तरफ इस भीषण गर्मी में यूरोप के लोग एसी से दूरी बनाए हुए हैं। सवाल है कि यूरोप के लोग एसी का उपयोग करने से बचते क्यों हैं चलिए जानते हैं।

खूबसूरती बचाने के लिए कर रहे कष्ट

बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी के बावजूद यूरोप के लोग अपनी ऐतिहासिक इमारतों की खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत को बचान के लिए घरों और अस्पताल में एयर कंडिशनर लगाने से बच रहे हैं। कहा जाता है कि यूरोप के लोग अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को बचान के लिए स्वार्थी बन जाते हैं। फिर सवाल है कि आखिर ऐसा और क्या-क्या कारण है, जिसके चलते आज के समय में भी यूरोप के लोग भीषण गर्मी झेलने के लिए तैयार हैं लेकिन,एयर कंडीशनर नहीं।  

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एसी लगाने की नहीं मिलती अनुमति

जानकार का मानना है कि यूरोपिय शहरों के योजनाकारों का कहना है कि इमारत के बाहर लटके एसी के डिब्बे बेहद बदसूरत लगते हैं। पेरिस की डिप्टी मेयर ऑड्रे पुल्वार ने कहा कि हम अमेरिकी, ब्राजीलियाई या इतालवी शहरों की तरह नहीं बनना चाहते, जहां दीवारों पर एसी की लाइन लगी होती हैं, जो भारी शोर करती हैं और जहरीली गैसे छोड़ते हैं। पेरिस जैसे ऐतिहासिक शहरों में प्राचीन इमारतों की खूबसूरती को बनाए रखने के लिए एसी लगाने की अनुमति आसानी से नहीं मिलती।  

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