Tamilnadu's CM Vijay Meeting: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एस जोसेफ के साथ शनिवार को बड़ा खेल हो गया। उन्होंने परिसीमन पर चर्चा के लिए राज्य के सभी सांसदों की बैठक बुलाई थी। जिसमें ज्यादातर सांसद नदारद रहे। तमिलनाडू के कुल 57 सांसद हैं। जिसमें 39 लोकसभा के और 18 राज्यसभा के हैं।
वहीं, सीएम विजय की बैठक में सिर्फ 20 सांसद ही पहुंचे। राजनीतिक गलियारों में इसे विजय के लिए झटका माना जा रहा है। बैठक में शामिल होने वाले कांग्रेस के 12, VCK के 2, CPI के 2, MDMK के एक और IUML के 1 सांसद शामिल हुए। डीएमके ने पहले ही बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया था। एक रिपोर्ट के अनुसार मुख्य सचिव एम.साई कुमार ने बैठके लिए न्योता भेजा था।
बैठक से सांसद नदारद
बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों का कहना है कि विजय सरकार कावेरी जल विवाद जैसे मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए यह सब कर रही है। कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच पुरानी लड़ाई है। हाल ही में ये मु्द्दा उस वक्त चर्चा में आया, जब कर्नाटक सरकार ने कावेरी नदी पर मेकेदाटू प्रोजेक्ट बनाने का ऐलान किया लेकिन, तमिलनाडु ने इसका विरोध किया। सीएम विजय का कहना है कि इस मुद्दे को सुलझाने के लिए दोनों राज्यों के बीच बातचीत होनी चाहिए।
कांग्रेस करेगी परिसीमन का विरोध
कांग्रेस सांसद कार्ति चिंदबरम ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों की बैठक बुलाई थी। जिसमें करीब 21 लोग शामिल हुए और इस बात पर सभी ने जोर दिया कि तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। संसद में हमारा प्रतिनिधित्व कम नहीं किया जा सकता। हालांकि, जनसंख्या या किसी दूसरे आधार पर किसी तरह के बदलाव और परिसीमन का विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि संख्या 543 ही रहे और राज्यों के बीच सीटों का बंटवारा भी वैसा ही रहे।
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