"योग ने विश्व को एकसूत्र में बांधा", विशाखापट्टनम से PM मोदी का संदेश

International Yoga Day 2025: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 11वें संस्करण के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज विशाखापट्टनम में विशाल योग सत्र का नेतृत्व किए। इस आयोजन में लगभग 5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। जिसने योग के वैश्विक महत्व को और उजागर किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा "योग सभी का और सभी के लिए है। इसने पूरी दुनिया को एक सूत्र में जोड़ा है।" उन्होंने योग को न केवल एक व्यायाम, बल्कि एक जीवनशैली बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
 
योग का विश्व पर प्रभाव
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भीजोर दिया कि योग ने 'वसुधैव कुटुंबकम' की भारतीय अवधारणा को साकार किया है। 11 साल पहले जब हमने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा। तब से यह विश्व भर में एक जन-आंदोलन बन चुका है। आज करोड़ों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा मानते हैं। विशाखापट्टनम के समुद्र तट पर आयोजित इस भव्य समारोह में स्थानीय लोग, योग प्रेमी, और अलग-अलग संगठनों के लोग शामिल हुए।
 
विशाखापट्टनम में योग का ऐतिहासिक आयोजन
इस साल के योग दिवस का थीम 'Yoga for Self and Society' रहा। जिसने व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण पर ध्यान किया। पीएम मोदी ने योग के सामाजिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा "योग न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। बल्कि सामाजिक सद्भाव और एकता को भी बढ़ावा देता है।" इस आयोजन में विभिन्न योगासनों को किया गया। जिसमें सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, और प्राणायाम था। स्थानीय प्रशासन ने इस आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक व्यवस्था की थी।
 
वैश्विक स्तर पर योग की स्वीकार्यता
पीएम मोदी ने बताया कि योग अब 200 से अधिक देशों में प्रचलित है और इसे संयुक्त राष्ट्र सहित कई वैश्विक मंचों पर मान्यता मिली है। उन्होंने कहा "हमारे ऋषि-मुनियों ने योग को विश्व के लिए एक उपहार के रूप में दिया और आज यह उपहार पूरी मानवता को जोड़ रहा है।" विशाखापट्टनम के इस आयोजन ने न केवल भारत बल्कि विश्व भर में योग के प्रति उत्साह को और बढ़ाया है।

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