
IAS Artika Shukla Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (CSE) को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल करीब 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं। यह परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाती है और इसके जरिए आईएएस, आईपीएस, आईएफएस समेत कई ग्रुप ‘ए’ सेवाओं में अधिकारियों की भर्ती होती है। ऐसे ही कई अधिकारी अपनी मेहनत और सफलता के लिए जाने जाते हैं, जिनमें आईएएस टीना डाबी का नाम प्रमुख है। साल 2015 में टीना डाबी ने यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया था।
आर्तिका की क्या है कहानी?
टीना डाबी की दोस्त आर्तिका शुक्ला ने भी उसी साल यूपीएससी परीक्षा पास की थी। आर्तिका ने ऑल इंडिया रैंक 4 हासिल कर देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी सफलता की कहानी आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली आर्तिका शुक्ला मूल रूप से एक डॉक्टर थीं। उन्होंने दिल्ली के मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई की। एमबीबीएस के बाद उन्होंने एमडी करने का फैसला लिया और पीजीआईएमईआर से अपनी पढ़ाई शुरू की। इसी दौरान उन्होंने अपने करियर को लेकर एक बड़ा फैसला लिया।
भाइयों से मिली प्रेरणा
आर्तिका ने डॉक्टर की सुरक्षित और सम्मानजनक नौकरी छोड़कर आईएएस बनने का सपना चुना। उन्हें अपने भाइयों गौरव शुक्ला और उत्कर्ष शुक्ला से काफी प्रेरणा मिली। खास तौर पर उनके भाई उत्कर्ष शुक्ला, जिन्होंने 2012 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी और वर्तमान में भारतीय रेलवे परिवहन सेवा में कार्यरत हैं। उन्होंने आर्तिका को तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया और अपने नोट्स भी साझा किए।
परिवार से मिला सहयोग
आर्तिका के पिता बृजेश शुक्ला पेशे से डॉक्टर हैं, जबकि उनकी मां लीना गृहिणी हैं। जब आर्तिका एमडी कर रही थीं, तब उनके बड़े भाई गौरव ने उन्हें सिविल सेवा को करियर के रूप में अपनाने की सलाह दी। परिवार के सहयोग और कड़ी मेहनत के बल पर आर्तिका ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और सफलता हासिल की।
ऑल इंडिया रैंक 4 प्राप्त की
साल 2015 में आर्तिका शुक्ला ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 4 प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में उनकी मुलाकात जसमीत सिंह से हुई, जो उसी बैच में AIR 3 थे। दोस्ती धीरे-धीरे रिश्ते में बदली और दोनों ने साल 2017 में शादी कर ली। इस शादी में उनकी दोस्त और यूपीएससी टॉपर टीना डाबी भी शामिल हुई थीं। आर्तिका शुक्ला की यह यात्रा यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो किसी भी क्षेत्र से आकर सफलता हासिल की जा सकती है।
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